भारत के चीनी निर्यात प्रतिबंध से बढ़ी कीमतों पर नेपाल की संसदीय समिति की चिंता

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भारत के चीनी निर्यात प्रतिबंध से बढ़ी कीमतों पर नेपाल की संसदीय समिति की चिंता


भारत के चीनी निर्यात प्रतिबंध से बढ़ी कीमतों पर नेपाल की संसदीय समिति की चिंता


काठमांडू, 09 सितंबर (हि.स.)। नेपाल के उद्योग एवं वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित संसदीय समिति के अध्यक्ष रहबर अंसारी ने भारत द्वारा चीनी के निर्यात पर रोक लगाए जाने के बाद नेपाल में उत्पन्न स्थिति, बाजार में बढ़ती कीमतों और उपभोक्ताओं के हितों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

अंसारी ने संसदीय समिति की बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ ही महीनों में चीनी की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि इससे पहले आश्वासन दिया गया था कि बाजार में पर्याप्त चीनी का स्टॉक मौजूद है और भारत द्वारा निर्यात रोकने के बावजूद कीमतों में वृद्धि नहीं होगी। समिति ने यह भी सवाल उठाया कि चीनी की कीमत बढ़कर 130 रुपये प्रति किलोग्राम तक कैसे पहुंच गई।

अंसारी ने कहा कि पहले चीनी की कीमत 85 रुपये प्रति किलोग्राम रहने की उम्मीद थी और वैट जोड़ने के बाद यह करीब 96 रुपये पड़ती थी। लेकिन अब बाजार में चीनी 105 से 130 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। उन्होंने पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद कीमतों में वृद्धि के कारणों की जांच करने की जरूरत पर जोर दिया। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा कमी और कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण अन्य देशों से समय पर चीनी का आयात नहीं किया जाना भी है।

उन्होंने मंत्रालय से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने, कार्टेलिंग और कालाबाजारी को नियंत्रित करने के लिए संसद में आवश्यक विधेयक और कानून जल्द पेश करने का आग्रह किया। अंसारी ने कहा कि बाजार की निगरानी व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए। साथ ही महंगे सॉफ्टवेयर की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और ईंधन आपूर्ति की समस्याओं के कारण बढ़ी परिवहन लागत जैसी व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता बताई।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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