नेपाल में आरएसपी के सांसदों के लिए दो दिवसीय संसदीय प्रशिक्षण का आयोजन
काठमांडू, 17 मार्च (हि.स.)। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) ने प्रतिनिधि सभा के अपने नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए मंगलवार से दो दिवसीय संसदीय प्रशक्षण कार्यक्रम शुरू किया।
आरएसपी के अनुसार प्रशिक्षण का उद्देश्य सांसदों को संसदीय प्रक्रिया, नीति निर्माण, विधायी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की व्यापक जिम्मेदारियों की समग्र समझ प्रदान करना है।
आरएसपी के उपाध्यक्ष डीपी अर्याल के अनुसार यह प्रशिक्षण आरएसपी के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत वह राष्ट्रीय राजनीति में अपनी बढ़ती भूमिका के अनुरूप एक सक्षम और जानकारीपूर्ण संसदीय टीम तैयार करना चाहती है।
पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने बताया कि प्रशिक्षण का एक प्रमुख हिस्सा संसद की संरचना, कार्यप्रणाली और अधिकारों पर केंद्रित है। नेपाल सरकार के पूर्व सचिव सुरेश अधिकारी संसद के संचालन, उसकी संस्थागत भूमिका और जिम्मेदारियों पर सत्र लेंगे।
इसी तरह पूर्व कानून सचिव तोयनाथ अधिकारी सांसदों को विधि निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे, जिसमें बताया जाएगा कि संघीय संसद में विधेयक कैसे तैयार, बहस और पारित किए जाते हैं।
आरएसपी के उपाध्यक्ष डॉ. स्वर्णिम वाग्ले देश की वर्तमान स्थिति, पार्टी की प्रतिबद्धताओं और शासन में सांसदों की अपेक्षित भूमिका पर प्रमुख सत्र प्रस्तुत करेंगे। उपाध्यक्ष डोल प्रसाद अर्याल भी प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे, जहां वे चुनाव अभियान के अनुभव साझा करेंगे और पार्टी की संसदीय रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे।
कार्यक्रम में समूह निर्माण गतिविधियां भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सांसदों के बीच समन्वय, टीमवर्क और आंतरिक संचार को मजबूत करना है। प्रतिभागियों को चर्चा और सामूहिक गतिविधियों के लिए 15 समूहों में विभाजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण सत्र आईटी विशेषज्ञ दोवन राय द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और एल्गोरिदम पर भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें शासन और निर्णय-निर्माण में तकनीक की भूमिका पर जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में आरएसपी के सांसदों—शिशिर खनाल, तोशिमा कार्की, सोबिता गौतम, हरि ढकाल, मनीष झा और विराज भक्त श्रेष्ठ सहित अन्य—के अनुभव साझा सत्र भी शामिल होंगे। इन सत्रों का उद्देश्य चुनाव अभियान और शुरुआती राजनीतिक अनुभवों से व्यावहारिक सीख प्रदान करना है।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने छह बिंदुओं वाला निर्देश भी जारी किया है, जिसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। I साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के फोटो और वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इस पहल के माध्यम से आरएसपी अपने सांसदों को न केवल संसद में भागीदारी के लिए तैयार करना चाहती है, बल्कि उन्हें शासन, नीति निर्माण और सार्वजनिक जवाबदेही में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी सक्षम बनाना चाहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

