गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाल के नागरिकों से किया सहयोग का आह्वान

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गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाल के नागरिकों से किया सहयोग का आह्वान


गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने नेपाल के नागरिकों से किया सहयोग का आह्वान


काठमांडू, 29 मई (हि.स.)। नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने कहा है कि गणतंत्र ने देशवासियों को सभी राजनीतिक अधिकारों की गारंटी दी है।

इस व्यवस्था ने हमें अपनी जाति, भाषा, धर्म, समुदाय, सभ्यता और भूमि पर स्वामित्व का अधिकार दिया है। इसलिए यह हमारे लिए राष्ट्र निर्माण की महान प्रेरणा और जिम्मेदारी है।

नेपाल राष्ट्र के 19वें गणतंत्र दिवस पर शुक्रवार को टुंडीखेल स्थित सैनिक मंच में समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि गणतंत्र ने हमें सभी राजनीतिक अधिकारों की गारंटी दी है। इसने हमें समृद्ध भविष्य के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का अवसर दिया है। इसने देशवासियों को जोड़ा है और साझा राष्ट्र निर्माण के संकल्प के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र की गरिमा की रक्षा करने और इसे अधिक समृद्ध बनाने के लिए सभी को राजनीतिक निष्ठा, मूल्यों और आचरण में परिवर्तन लाते हुए एकजुट होकर काम करना होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि यह एक अनुशासित राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन पद्धति भी है।

उन्होंने कहा कि इसके अपने मूल्य और नैतिक सीमाएं होती हैं। इन्हें भूलकर हम इतिहास के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकते। आज का दिन हमें सामाजिक न्याय, विकास और समृद्धि सहित संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के सार्थक अभ्यास की दिशा में आगे बढ़ने तथा राजनीति, राज्य और शासन को नैतिकता, निष्ठा और मूल्यों की सीमा में बांधने की प्रेरणा दे। राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि देश में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के समाधान के लिए प्रतिनिधि सभा का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और मजबूत जनादेश वाली सरकार बनी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप सुशासन, सार्वजनिक सेवा में सुधार, आर्थिक पुनरुत्थान, भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता और सामाजिक उन्नति को अपनी मूल नीति के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि शासन सुधार से जुड़े सौ कार्यसूचियों के पूर्ण कार्यान्वयन तथा सीमाहीन अर्थव्यवस्था और भाररहित व्यापार के लिए संरचनात्मक एवं कानूनी सुधार लागू होने से जनता में नई आशा जगेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें समझना होगा कि केवल राजनीतिक व्यवस्था और शासकीय संरचना में परिवर्तन से युग की अपेक्षाएँ पूरी नहीं होतीं। इसके लिए राज्यसत्ता के चरित्र, आचरण, राजनीतिक निष्ठा और मूल्यों में भी बदलाव जरूरी है, अन्यथा व्यवहार राजनीतिक परिवर्तन को साबित नहीं कर पाएगा।

उन्होंने कहा कि आज देश का सबसे बड़ा शत्रु कोई बाहरी शक्ति नहीं, बल्कि ढिलाई, अनियमितता और अव्यवस्था है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक गणतंत्र के सुंदर सपने देखने वाले नागरिक इन विकृतियों से निराश न हों, यह हमारी सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक प्रत्येक नागरिक के जीवन में आशा का दीपक नहीं जलेगा, तब तक खून और पसीने से हासिल किए गए संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र का लक्ष्य पूरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि आज नागरिक सुशासन के साथ समृद्धि चाहते हैं और इसके लिए देश के संसाधनों का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। तभी कृषि, पर्यटन, ऊर्जा, उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि तभी आर्थिक विकास और समृद्धि के माध्यम से शासन व्यवस्था को नागरिकों के जीवन से जोड़ा जा सकता है। यही आज की हमारी ऐतिहासिक जिम्मेदारी है। मुझे आशा है कि हम इस जिम्मेदारी को नहीं भूलेंगे।राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि केवल राजनीतिक उपलब्धियां परिवर्तन को नागरिकों के जीवन से जोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए शासन व्यवस्था, राजनीति, राजनीतिक दलों और नेताओं के चरित्र में बदलाव लाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र की श्रेष्ठता को सार्थक बनाने के लिए हमारी राजनीति, शासन शैली, राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधि संस्थाओं को पूर्ण लोकतांत्रिक, निष्पक्ष, प्रतिस्पर्धात्मक, न्यायपूर्ण और प्रभावकारी बनाना होगा। उन्होंने संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र की स्थापना तक पहुंचने के लिए संघर्ष और त्याग करने वाले अग्रज नेताओं, नागरिक समाज तथा राजनीतिक दलों को सम्मानपूर्वक स्मरण भी किया।

समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रधान न्यायाधीश, सभामुख, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद के सदस्य, संवैधानिक निकायों के प्रमुख, नेपाल स्थित कूटनीतिक मिशनों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि, उच्च सरकारी अधिकारी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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