नेपाल के प्रधानमंत्री का वादा, जलप्रलय में लापता हर व्यक्ति को बचाने का प्रयास होगा, प्रत्येक प्रभावित को किया जाएगा पुनर्वासित
काठमांडू, 30 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने नेपाल में जलप्रलय के बाद चल रहे राहत और बचाव कार्यों के बीच कहा कि बाढ़ में लापता हर व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार उम्मीद की अंतिम किरण तक खोज और बचाव अभियान जारी रखेगी। उन्होंने वादा किया कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति सरकार पुनर्वासित करेगी। उन्होंने राहत और पुनर्निर्माण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की प्रतिबद्धता दोहराई।
द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने शनिवार रात फेसबुक पोस्ट में इस आपदा से हुई तबाही की जानकारी देते हुए कहा कि रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में नदी के निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित हर नागरिक की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शाह ने मुश्किल इलाकों और खराब मौसम के बीच चला रहे खोज और बचाव अभियान पर कहा कि अब तक 7,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की साइटों पर फंसे 279 कर्मचारी भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस महाअभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 18,708 सुरक्षाकर्मी 16 हेलीकॉप्टरों (सैन्य और निजी) के साथ तैनात हैं। इन सबने अब तक 236 बचाव अभियान पूरे किए हैं। भारत और चीन के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। जोखिम भरे इलाकों में काम कर रहे अग्रिम पंक्तियों के कर्मियों का मनोबल बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री ने तैनात सुरक्षा बलों के लिए दैनिक नाश्ते के लिए भत्ता और प्रोत्साहन राशि में तत्काल बढ़ोतरी की घोषणा की।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष में कमर्शियल अकाउंट्स के जरिए 5.04 बिलियन एनपीआर और 1.8 मिलियन यूएसडी जमा हुए हैं। इसका विवरण आधिकारिक 'रेस्क्यू रिक्वेस्ट पोर्टल' पर सार्वजनिक रूप से देखा जा सकता है। उन्होंने नागरिकों और दानदाताओं से अपील की कि वे धोखाधड़ी से बचने के लिए सिर्फ आधिकारिक सरकारी क्यूआर कोड के जरिए ही योगदान दें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी मदद मिली है। वह इस प्रकार है- 167 मिलियन यूएसडी का रियायती लोन (वर्ल्ड बैंक), 5 मिलियन यूएसडी की ग्रांट और 150,000 यूएसडी की तकनीकी मदद (एडीबी), 500,000 यूएसडी (अमेरिका), 1 मिलियन एयूडी (ऑस्ट्रेलिया), और 1 मिलियन स्विस फ्रैंक (यूएन के जरिए स्विट्जरलैंड)।
उन्होंने कहा कि भारत ने 57.5 टन इमरजेंसी मेडिकल और मानवीय सहायता सामग्री के साथ-साथ 2,000 एयरटाइट बॉडी बैग पहुंचाए हैं। चीन भी इसी तरह की मानवीय सहायता और बॉडी बैग भेज रहा है। नेपाल ने नष्ट हो चुके नदी क्रॉसिंग को ठीक करने के लिए बीजिंग से 30 बेली ब्रिज की औपचारिक रूप से मांग की है। शाह ने पुष्टि की कि आठ जिलों से 675 शव बरामद किए गए हैं। आखिर में उन्होंने दोहराया कि बचाव और लंबे समय के पुनर्निर्माण के लक्ष्यों के पूरी तरह से हासिल होने तक सरकारी तंत्र पूरी ताकत के साथ तैनात रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

