चुनाव में पराजित दलों को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की नसीहत—हार से सीखें, संघर्ष जारी रखें

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चुनाव में पराजित दलों को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की नसीहत—हार से सीखें, संघर्ष जारी रखें


काठमांडू, 17 मार्च (हि.स.)। नेपाल में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों के परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने चुनाव में पराजित प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं को बुलाकर महत्वपूर्ण बैठक की और उन्हें हार से निराश न होने की सलाह दी।

बैठक में उन्होंने भारतीय राजनीति का उदाहरण देते हुए अटल बिहारी वाजपेयी और भारतीय जनता पार्टी से प्रेरणा लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी मात्र दो सीटों पर सिमट गई थी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेता भी चुनाव हार चुके थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करते रहे।

प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि वही भाजपा आज पिछले 12 वर्षों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज है, जो इस बात का उदाहरण है कि निरंतर प्रयास और जनसमर्थन से राजनीतिक परिस्थितियां बदली जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री कार्की ने मंगलवार को नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के शीर्ष नेताओं से अलग अलग मुलाकात कर कहा कि चुनावी हार-जीत लोकतंत्र का सामान्य हिस्सा है और इससे विचलित होने की आवश्यकता नहीं है।

कार्की ने नेताओं से अपने कर्तव्यबोध पर अडिग रहने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीति एक निरंतर अभियान और सतत प्रयास है, जिसमें जनता और देश के मुद्दों के साथ खड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार का चुनाव समय पर और सफलतापूर्वक सम्पन्न होना सभी दलों के सहयोग और सहभागिता का परिणाम है। इसके लिए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने अंत में दोहराया कि वर्तमान हार को अंत नहीं बल्कि एक नए अवसर के रूप में देखना चाहिए और भविष्य के लिए संगठित होकर आगे बढ़ना ही लोकतांत्रिक राजनीति की असली पहचान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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