जातीय भेदभाव के खिलाफ सामाजिक सोच और संस्कार बदलने की आवश्यकता : बालेन्द्र शाह

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जातीय भेदभाव के खिलाफ सामाजिक सोच और संस्कार बदलने की आवश्यकता : बालेन्द्र शाह


काठमांडू, 04 जून (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि जातीय छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके लिए समाज की सोच और संस्कार में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है।

जातीय भेदभाव तथा छुआछूत उन्मूलन राष्ट्रीय दिवस पर गुरुवार को जारी अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का जातीय भेदभाव और छुआछूत सभ्य समाज के मूल्यों के विपरीत है तथा इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए राज्य, समाज और नागरिकों को मिलकर निरंतर प्रयास करना होगा। प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि समानता, सम्मान और मानवीय गरिमा के मूल्यों को व्यवहार में उतारते हुए भेदभाव के विरुद्ध जागरूक और जिम्मेदार सामाजिक वातावरण का निर्माण करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री शाह ने अपने संदेश में सामाजिक सद्भाव, समान अवसर और मानव गरिमा को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए केवल कानूनी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक व्यवहार और सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से जातीय भेदभाव और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने तथा समानता और सम्मान पर आधारित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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