नेपाल के सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने प्रधानमंत्री और मंत्रियों की शिकायत पार्टी अध्यक्ष से की
काठमांडू, 22 मई (हि.स.)। नेपाल में सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने से प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह, सरकार के मंत्रियों और सरकार के कामकाज को लेकर शिकायत की है।
आरएसपी के सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष के सामने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह, उनके मंत्रिमंडल और सरकार को लेकर तीन प्रमुख विषयों पर गंभीर शिकायतें रखी हैं। शुक्रवार को पार्टी लामिछाने ने आरएसपी के कोशी प्रदेश के सांसदों के साथ बैठक कर सरकार और पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में सांसदों ने प्रधानमंत्री शाह, मंत्रियों तथा सरकार के कामकाज की तीखी आलोचना की।
बैठक की शुरुआत में ही लामिछाने ने सांसदों को खुलकर अपनी बात रखने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लेकर कोई शिकायत है तो उसे संसद में उठाने के बजाय सीधे पार्टी नेतृत्व के सामने रखा जाए। बैठक में शामिल सांसदों के अनुसार शिकायतें मुख्य रूप से तीन मुद्दों प्रधानमंत्री और मंत्रियों तक पहुंच का अभाव, सरकार और सांसदों के बीच बढ़ती दूरी, तथा पार्टी महाधिवेशन से पहले बढ़ती गुटबंदी पर केंद्रित थीं।
सांसदों ने शिकायत की कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों के सचिवालय जनसरोकार के मुद्दों को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि उन्हें न तो प्रधानमंत्री और मंत्रियों से मिलने का अवसर मिल रहा है और न ही उनके सचिवालय की ओर से किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है। सांसदों ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं, लेकिन वे उन समस्याओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में असफल हो रहे हैं। इससे जनता में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है और सरकार का कामकाज अपेक्षानुसार प्रभावकारी नहीं दिख रहा है।
बैठक में कुछ सांसदों ने यह भी कहा कि पार्टी और सरकार के बीच समन्वय कमजोर पड़ता जा रहा है, जिसके कारण संसद में भी पार्टी की उपस्थिति प्रभावहीन दिखाई दे रही है। सांसदों ने सुझाव दिया कि सभापति लामिछाने को प्रधानमंत्री शाह के साथ इस विषय पर गंभीर वार्ता करनी चाहिए ताकि पार्टी की स्पष्ट राजनीतिक लाइन तय हो सके। सांसदों ने यह भी शिकायत की कि सरकार के कार्यों का बचाव करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है, क्योंकि सरकार की कार्यशैली की व्यापक आलोचना हो रही है। उनका कहना था कि सरकार को पार्टी के निर्देशन में चलना चाहिए, न कि पार्टी को सरकार के अनुसार चलना चाहिए।
बैठक में तीसरा बड़ा मुद्दा पार्टी के आगामी महाधिवेशन को लेकर उभर रही गुटबंदी का रहा। सांसदों ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर “नए” और “पुराने” समूहों के नाम पर विभाजन बढ़ता जा रहा है। पार्टी के भीतर प्रधानमंत्री शाह समर्थक नेताओं को “नया समूह” तथा पार्टी अध्यक्ष लामिछाने समर्थकों को “पुराना समूह” कहा जा रहा है। सांसदों का आरोप था कि शाह समर्थक नेता लामिछाने खेमे के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता और अनुभव के अनुरूप जिम्मेदारियां नहीं दे रहे हैं।
सांसदों की शिकायतें सुनने के बाद सभापति लामिछाने ने आश्वासन दिया कि वह इन सभी मुद्दों पर प्रधानमंत्री शाह से बातचीत करेंगे और समस्याओं के समाधान के लिए पहल करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

