नेपाल-भारत और नेपाल-चीन सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार को डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
नेपाल-भारत और नेपाल-चीन सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार को डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्देश


नेपाल-भारत और नेपाल-चीन सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार को डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्देश


काठमांडू, 24 जुलाई (हि.स.)। नेपाली संसद के उच्च सदन राष्ट्रीय सभा की संघीयता सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्रीय सरोकार समिति ने नेपाल-भारत और नेपाल-चीन सीमा की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार को आवश्यक कानूनी, तकनीकी तथा संरचनात्मक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया है।

शुक्रवार को सिंहदरबार में आयोजित समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में समिति की अध्यक्ष जयंती देवी राई ने खुली सीमा से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सीमा सुरक्षा को तकनीक आधारित, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक जनशक्ति, संसाधन, आधुनिक उपकरण तथा बुनियादी ढांचे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

उन्होंने नेपाल सरकार और गृह मंत्रालय को आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) स्थापित कर सीमा निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी निर्देश दिया।

समिति ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार एवं विस्फोटक सामग्री के कारोबार, मानव तस्करी, सीमा शुल्क चोरी, रोहिंग्या समेत विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ तथा अन्य सीमा संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आव्रजन विभाग, सीमा शुल्क विभाग, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल नेपाल और अन्य संबंधित निकायों के बीच आंकड़ों एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान वाली एकीकृत डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम का तत्काल निर्माण और कार्यान्वयन करने का भी निर्देश दिया।

जयंती देवी राई ने कहा कि नेपाल-भारत और नेपाल-चीन की खुली सीमाओं से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीमा सुरक्षा को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाया जाएगा।

इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक जनशक्ति, संसाधन, आधुनिक उपकरण और बुनियादी ढांचे से सशक्त किया जाएगा तथा आवश्यक स्थानों पर पर्याप्त बीओपी स्थापित कर निगरानी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार एवं विस्फोटकों की तस्करी, मानव तस्करी, सीमा शुल्क चोरी, रोहिंग्या समेत विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ और अन्य सीमा अपराधों पर नियंत्रण के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच डेटा साझा करने वाली एकीकृत डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम को शीघ्र लागू किया जाएगा।

समिति ने सीमा सुरक्षा में तैनात विभिन्न एजेंसियों के बीच गश्त, निगरानी, सूचना आदान-प्रदान और आपसी समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों की समयानुकूल समीक्षा करने का भी निर्देश दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

Share this story