नेपाल के मंत्री के बिगड़े बोल, कहा- क्रिश्चियन का विरोध करना देशद्रोह



काठमांडू, 20 दिसम्बर (हि.स.)। नेपाल के पर्यटन तथा संस्कृति मंत्री सुदन किरांती ने एक विवादित बयान देते हुए क्रिश्चियन को नहीं मानने वाले को देशद्रोही की संज्ञा दी है।

एक कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्री किरांती ने कहा कि क्रिश्चियन धर्म संविधान की तरह है। जो लोग क्रिश्चियन धर्म को नहीं मानते हैं वो संविधान का अपमान करते हैं और संविधान को नहीं मानने वाले देशद्रोही है। मंत्री के विवादित बयान यहीं पर नहीं रुका। आगे उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग क्रिश्चियन को नहीं मानते उन्हें हथकड़ी लगा कर जेल भेज देना चाहिए।

माओवादी पार्टी से आबद्ध किरांती खुद भी क्रिश्चियन सम्प्रदाय को मानते हैं। ईसाइयों के ही एक कार्यक्रम में सुदन किरांती ने कहा कि जिसस क्राइस्ट भी विद्रोही नेता थे। चूंकि माओवादी भी विद्रोह से आया है, इसलिए जिसस क्राइस्ट के लिए माओवादी नेताओं के मन में बहुत सम्मान है। किरांती ने यहां तक कहा कि माओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड और प्रधानमंत्री भी जिसस क्राइस्ट को बहुत मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

किरांती के इस बयान का पुरजोर विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया में मंत्री किरांती का यह विडियो तेजी से वाइयल हो रहा है। लोग मंत्री के इस बयान पर उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। कई धार्मिक संगठनों ने भी मंत्री किरांती के बयान का विरोध करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। विश्व हिन्दू परिषद नेपाल की तरफ से एक बयान जारी कर संस्कृति मंत्री के इस विवादित बयान पर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास /प्रभात

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