नेपालः शाह की सरकार ने राष्ट्रपति के पास 3 नए अध्यादेश स्वीकृति के लिए भेजे

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नेपालः शाह की सरकार ने राष्ट्रपति के पास 3 नए अध्यादेश स्वीकृति के लिए भेजे


काठमांडू, 29 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता पक्ष और विपक्ष की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए लगातार दूसरे दिन अध्यादेश की सिफारिश का फैसला किया है। मंगलवार को दो अध्यादेश की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजने के एक दिन बाद ही बुधवार को सरकार ने एक बार फिर से तीन नए अध्यादेश की सिफारिश भेजी है।

करीब दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार पर संसदीय प्रक्रिया को दरकिनार कर अध्यादेशों के जरिए देश चलाने का आरोप लग रहा है। इसे संसद पर कार्यपालिका का सीधा अतिक्रमण बताते हुए इसका चौतरफा विरोध हो रहा है। इसी बीच सरकार ने दो दिनों के भीतर पांच अध्यादेश लाए हैं।

राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकार की तरफ से भेजे गए दूसरे चरण के अध्यादेशों में स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान संबंधी अध्यादेश, कानूनों में संशोधन संबंधी अध्यादेश और विश्वविद्यालय संबंधी अध्यादेश शामिल हैं।

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के मीडिया सलाहकार किरण पोखरेल ने बताया कि बुधवार को सरकार की तरफ से तीन नए अध्यादेश स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। पोखरेल के मुताबिक इस समय राष्ट्रपति के पास सरकार की तरफ से भेजे गए कुल पांच अध्यादेश लंबित हैं, जिसका अध्ययन किया जा रहा है।

सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद मंगलवार रात दो अध्यादेश राष्ट्रपति कार्यालय को भेजे गए थे। सरकार द्वारा बजट अधिवेशन बुलाए जाने के 24 घंटे में ही इसे स्थगित कर अध्यादेश जारी करने की सिफारिश का सत्ता पक्ष और विरोधी दल, दोनों ने ही विरोध किया है।

सत्ता पक्ष के कई सांसदों ने संसद का अधिवेशन रोक कर अध्यादेश लाए जाने का विरोध किया है। इसी तरह मुख्य विपक्षी दल समेत अन्य विपक्षी दलों ने आज संयुक्त बैठक कर अध्यादेश लाने का विरोध किया है। इतना ही नहीं, विभिन्न संवैधानिक विशेषज्ञों और नेपाल बार एसोसिएशन ने भी संसद को नजरअंदाज कर अध्यादेशों के जरिए शासन चलाने की कोशिश का विरोध किया है।

हालांकि, व्यापक विरोध के बावजूद सरकार ने दो दिनों के भीतर पांच अध्यादेशों की सिफारिश की है। पहले चरण में संवैधानिक परिषद और सहकारी संबंधी अध्यादेश भेजे गए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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