पिछले वर्ष हिमस्खलन में लापता पांच विदेशी पर्वतारोहियों का शव बरामद
काठमांडू, 10 अगस्त (हि.स.)। नेपाल के दोलखा जिले के गौरीशंकर हिमालय की चोटी पर पर्वतारोहण के दौरान पिछले वर्ष हिमस्खलन में लापता हुए पांच पर्वतारोहियों के शव बरामद किए गए हैं। ये सभी पर्वतारोही पिछले वर्ष १७ नवंबर २०२५ को हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद लापता हो गए थे।
जिला पुलिस कार्यालय दोलखा के सूचना अधिकारी संतोष कुमार खड़का ने बताया कि सोमवार को बरामद शव उन्हीं पर्वतारोहियों के हैं, जो पिछले वर्ष गौरीशंकर हिमालय पर चढ़ाई के दौरान हिमस्खलन में लापता हुए थे।
स्थानीय लोगों द्वारा पांच शव दिखाई देने की सूचना दिए जाने के बाद शवों को बरामद करने और उनकी पहचान की प्रक्रिया के लिए रविवार को गौरीशंकर हिमालय क्षेत्र में हेलीकॉप्टर भेजा था। हालांकि खराब मौसम के कारण बचाव एवं शव बरामदगी अभियान प्रभावित हुआ।
पुलिस के अनुसार सोमवार को हेलीकॉप्टर घटनास्थल तक पहुंचने में सफल रहा और अब तक तीन शव गोंगर नामक स्थान पर लाए जा चुके हैं। बाकी दो शवों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर दोबारा घटनास्थल की ओर गया है। मौसम अनुकूल रहा तो आज ही सभी पांच शवों को गोंगर लाए जाने की संभावना है।
पिछले वर्ष अलग-अलग समूहों में नेपाली और विदेशी नागरिकों सहित कुल 15 पर्वतारोही 5,630 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गौरीशंकर हिमालय पर चढ़ाई के लिए गए थे। इसी दौरान हिमस्खलन हुआ था। हादसे में आठ लोगों का सुरक्षित बचाव कर लिया गया था, जबकि सात पर्वतारोही लापता हो गए थे।
लापता सात लोगों में से दो के शव हादसे के समय ही बरामद कर लिए गए थे, लेकिन बाकी पांच का कोई पता नहीं चल पाया था। खोज एवं बचाव अभियान में शामिल ड्रीम डेस्टिनेशन की टीम के अनुसार, लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण उस समय खोज अभियान रोकना पड़ा था।
हादसे में दो मृतकों की पहचान दोलखा के गौरीशंकर ग्रामीण नगरपालिका-9 के पदम तामाङ और सोलुखुम्बु के मेरे कार्की के रूप में हुई थी। उनके शव उसी समय बरामद कर लिए गए थे।
हिमस्खलन के बाद लापता हुए पांचों पर्वतारोही विदेशी नागरिक थे। इनमें फ्रांस की मेनफेडी क्रिस्टिना एन्ड्रे, इटली के पाउलो कोको और मार्कोस किरचिलर, जर्मनी के ज्याकोब इसरिवर तथा कनाडा के मार्को डि मारसेलो शामिल थे।
लगभग एक वर्ष बाद इन पांच पर्वतारोहियों के शव मिलने से लंबे समय से चल रहे खोज अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शवों को नीचे लाने के बाद उनकी औपचारिक पहचान और संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

