नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 123 शव बरामद, 700 से अधिक लापता

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नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 123 शव बरामद, 700 से अधिक लापता


नेपाल में विनाशकारी बाढ़, 123 शव बरामद, 700 से अधिक लापता


काठमांडू, 27 अगस्त (हि.स.)। नेपाल में रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ से तबाही का सिलसिला जारी है। बुधवार मध्य रात्रि तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 123 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।

मरने वालों का शव नेपाल के चीन के सीमावर्ती जिलों से लेकर भारतीय सीमा से सटे इलाकों तक में पाया गया है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक जो रसुवा जिला सबसे अधिक प्रभावित है वहां सिर्फ 1 शव बरामद हुआ है जबकि भारतीय सीमा से सटे चितवन के नारायणी नदी से 64 शव बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा गोरखा जिले से 19, धादिंग जिले से 18, नुवाकोट से 11, तनहु से 9 तथा नवलपरासी जिले से 1 शव बरामद किया जा चुका है। नवलपरासी भी भारत की सीमा से सटा हुआ इलाका है।

सरकारी विवरण के मुताबिक अब तक 245 स्थानीय लोगों के संपर्कविहीन होने की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन कार्यालय से प्राप्त हुई है। इसके अलावा नेपाल पुलिस के 26 जवान, नेपाली सेना के 22 जवान और सशस्त्र प्रहरी बल के 13 जवान लापता बताए गए हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल 384 पर्यटक भी संपर्क विहीन बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने एक बयान जारी करते हुए बताया है कि लापता पर्यटकों में 139 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा से 37 पर्यटक भारतीय मूल के एनआरआई भी लापता बताए गए हैं।

गृह मंत्रालय के जानकारी के मुताबिक घायलों में से 75 लोगों को अब तक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सभी को काठमांडू और आसपास के जिलों के अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

बचाव अभियान के दौरान अब तक 216 लोगों को जीवित बचाया गया है। इनमें 123 लोगों का हेलीकॉप्टर के जरिए और 93 लोगों का स्थलीय माध्यम से उद्धार किया गया।

बाढ़ के कारण कई क्षेत्र का परिवहन और संपर्क ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क बाधित हो गया है। इसी तरह 40 किमी तक का हाइवे भी बाढ़ की चपेट में आ गया है।

प्रशासन, सुरक्षा निकायों और राहत-बचाव टीमों की ओर से लापता लोगों की तलाश तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं उद्धार कार्य जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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