नेपाल में चुनाव प्रचार खत्म होने बाद मौन अवधि लागू

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नेपाल में चुनाव प्रचार खत्म होने बाद मौन अवधि लागू


काठमांडू, 03 मार्च (हि.स.)। नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार की अवधि मंगलवार मध्य रात्रि समाप्त होने के बाद अब देशभर में मौन अवधि (चुनाव प्रचार निषेध अवधि) लागू हो गयी है। मतदान गुरुवार सुबह 7 से शाम 7 बजे तक होगा।

चुनाव आचार संहिता के अनुसार मतदान के दिन से 48 घंटे पहले शुरू होकर मतदान समाप्त होने तक लागू रहने वाली इस मौन अवधि में प्रचार, भाषण, सभा, बैठक, चर्चा, समीक्षा सहित चुनाव को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

कार्यवाहक प्रमुख निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि यदि इस अवधि में चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन करते हुए पाया गया, तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है तथा छह वर्ष तक किसी भी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।”

मतदान के समय प्रतिस्पर्धी दलों के बीच विवाद या झड़प न हो तथा किसी अप्रिय घटना से मतदाता भयभीत न हों, इसके लिए मतदान से 48 घंटे पहले मौन अवधि लागू की जाती है। मौन अवधि शुरू होते ही निर्वाचन कार्यालय संबंधित दलों या उम्मीदवारों को मतदान केंद्र के 300 मीटर के दायरे में लगाए गए प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश देता है।

मौन अवधि के दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, उम्मीदवार, दलों के भ्रातृ संगठन तथा आचार संहिता का पालन करने वाले अन्य व्यक्ति, संस्था या निकाय किसी भी प्रकार की चुनावी चर्चा, अंतरक्रिया, सभा, सम्मेलन, कार्यशाला या गोष्ठी आयोजित नहीं कर सकेंगे।

चुनाव आचार संहिता की धारा 17 में ‘मतदान से पूर्व 48 घंटे से लेकर मतदान केंद्र बंद होने तक पालन किए जाने वाले विशेष आचरण’ के रूप में मौन अवधि का उल्लेख है। इसमें राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित आचरण का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।

इस प्रावधान के तहत चुनाव प्रचार, किसी भी प्रकार की सभा-चर्चा या कार्यक्रम आयोजित करना वर्जित है तथा मतदान से 48 घंटे पहले मतदान स्थल के 300 मीटर के भीतर लगाए गए सभी प्रचार सामग्री हटाना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी भी माध्यम से मत मांगना या चुनाव प्रचार करना, सोशल मीडिया, ऑनलाइन, प्रिंट या अन्य माध्यमों से किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में संदेश, सूचना या प्रचार सामग्री पोस्ट, साझा या उस पर प्रतिक्रिया देना भी प्रतिबंधित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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