नेपालः जब जीते हुए उम्मीदवार ने हारे हुए उम्मीदवार के पांव छूकर आशीर्वाद लिया
काठमांडू, 08 मार्च (हि.स.)। जनकपुरधाम संसदीय क्षेत्र से चुनाव परिणाम सामने आने के बाद एक भावुक और लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करने वाला दृश्य देखने को मिला। चुनाव में पराजित हुए वरिष्ठ नेता विमलेंद्र निधि ने खुद अपने प्रतिद्वंद्वी और विजेता मनीष झा को माला पहनाकर जीत की बधाई दी।
बताया गया है कि परिणाम घोषित होने के बाद निधि ने मनीष झा से मुलाकात की और उन्हें फूलों की माला पहनाकर जीत की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मनीष झा ने सम्मान स्वरूप निधि के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं के बीच यह दृश्य काफी भावुक रहा और कुछ समय के लिए माहौल भी भावनात्मक हो गया।
मुलाकात के दौरान विमलेंद्र निधि ने कहा कि जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और लोकतंत्र में उसे सम्मान देना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने मनीष झा को जीत की बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे।
वहीं मनीष झा ने भी विनम्रता दिखाते हुए विमलेंद्र निधि को अपना “अभिभावक तुल्य” बताया। उन्होंने कहा कि निधि लंबे समय से इस क्षेत्र की राजनीति के प्रमुख नेता रहे हैं और उनसे मार्गदर्शन मिलता रहेगा। झा ने कहा, “विमलेंद्र निधि जी हमारे वरिष्ठ नेता हैं। उनका आशीर्वाद और अनुभव हमें आगे काम करने में मदद करेगा।
विमलेन्द्र निधि नेपाल की राजनीति में बहुत बड़ा नाम है। देश की सबसे पुरानी पार्टी के वो उपाध्यक्ष रह चुके हैं, नेपाल के उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी रह चुके हैं। जनकपुरधाम उनकी पारंपरिक सीट रही है जहां से वो कई बार चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन इस बार बालेन्द्र शाह की लहर में उनको युवा नेता मनीष झा से मात खानी पड़ी। झा को इस बार जहां 43,988 वोट मिले वहीं निधि को सिर्फ 16,652 वोट मिल पाया। इतने बड़े अंतर से हारने के बावजूद निधि ने मनीष झा से मुलाकात कर उन्हें न सिर्फ बधाई दी बल्कि आशीर्वाद भी दिया।
दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने समर्थकों के बीच भी सकारात्मक संदेश दिया। चुनावी प्रतिस्पर्धा के बावजूद आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा का यह उदाहरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

