नेपाल निर्वाचन आयोग की सरकारी शिक्षक और कर्मचारियों को बर्खास्तगी की चेतावनी
काठमांडू, 23 फरवरी (हि.स.)। नेपाल के निर्वाचन आयोग ने सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव प्रचार में शामिल होने को लेकर नसीहत दी है। आयोग ने ऐसे शिक्षकों और कर्मचारियों को नौकरी तक से बर्खास्त करने की चेतावनी दी है।
नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनाव को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने शैक्षणिक संस्थानों से संबद्ध प्रोफेसरों, शिक्षकों और सभी कर्मचारियों को चुनाव प्रचार में शामिल न होने की चेतावनी दी है। सोमवार को निर्वाचन आयोग ने कहा किे शिकायतें मिली हैं कि कुछ शिक्षक और कर्मचारी राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार अभियान में शामिल हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा ऐन 1971 तथा निर्वाचन आचार संहिता के अनुसार शिक्षकों और कर्मचारियों को किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में प्रचार करने अथवा अपने आधिकारिक पद और संसाधनों का चुनावी प्रयोजनों के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं है।
आयोग के संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध धारा 48 के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रचार में संलग्न सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने तक कानूनी प्रावधान है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर गठित अनुगमन समितियां, निर्वाचन अधिकारी और संबंधित कार्यालय आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी को और कड़ा करेंगे। उन्होंने सभी पक्षों से आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने का आग्रह करते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष, तटस्थ, पारदर्शी और भयमुक्त निर्वाचन वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

