नेपाल : संघीय सरकार पर मुख्यमंत्रियों का आरोप, अधिकार नहीं मिलने से प्रदेश सरकारें कमजोर
काठमांडू, 14 अक्टूबर (हि.स.)। नेपाल की संघीय सरकार की कार्यशैली को लेकर प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने नाराजगी जताई है। कोशी प्रदेश सरकार के आयोजन में विराटनगर में शुरू हुए अंतरप्रदेशीय मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय सरकार संविधान में दिए गए अधिकारों को हस्तांतरित नहीं कर रही है। अधिकारों के बंटवारे के लिए जरूरी कानून नहीं बनाए जा रहे हैं और न ही काम करने के लिए पर्याप्त संसाधन दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाकर पूरे प्रदेश ढांचे को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्रियों ने आरोप लगाया कि संघीय सरकार की ओर से अधिकार हस्तांतरण में हो रही देरी के कारण संघीय व्यवस्था के प्रति लोगों में निराशा बढ़ रही है। उनका कहना है कि संघीय व्यवस्था के प्रभावी कार्यान्वयन में संघीय सरकार की केंद्रीकृत सोच सबसे बड़ी बाधा है।
कर्णाली, गंडकी, बागमती, मधेश, लुंबिनी और कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने सम्मेलन का संयुक्त उद्घाटन करते हुए कहा, “हम केवल अधिकार नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियां भी पूरी करेंगे। लेकिन प्रदेशों को कमजोर करके संघीय व्यवस्था सफल नहीं हो सकती। प्रदेशों के बिना संघीयता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। समृद्धि के लिए प्रदेश सरकारों का मजबूत होना जरूरी है।”
मुख्यमंत्रियों ने शिकायत की कि संविधान में सुनिश्चित एकल और साझा अधिकारों को नौ वर्ष बीत जाने के बावजूद संघीय सरकार ने प्रदेशों को हस्तांतरित नहीं किया है। इसके कारण प्रदेश सरकारें जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस जैसे एकल अधिकार भी अब तक प्रदेशों को नहीं सौंपे गए हैं। वहीं, संघीय सरकार की ओर से आवश्यक कानून नहीं बनाए जाने के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, निजामती कर्मचारी सेवा और वन सहित कई क्षेत्रों से जुड़े कानूनों को लागू करने में भी परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्रियों का आरोप है कि संघीय सरकार की उदासीनता के कारण प्रदेश सीमित संसाधनों के चलते संघीय अनुदान पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। इसके बावजूद वित्तीय संघीयता को लागू करने की दिशा में संघीय सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

