अमेरिका की तर्ज पर चीन ने नेपाल के जेन-जी के लिए नए कार्यक्रम की घोषणा की
काठमांडू, 18 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने नेपाल के जेन-जी युवाओं को लक्षित करते हुए एक युवा नेतृत्व कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की है। अमेरिकी दूतावास के द्वारा संचालित यूथ काउंसिल ऑफ अमेरिका कार्यक्रम के तर्ज पर ही चीनी दूतावास ने जेन-जी लक्षित इस कार्यक्रम की घोषणा की है।
चीनी दूतावास के तरफ से आज नेपाल के सभी अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर एक विज्ञापन देते हुए ‘चाइनीज़ एम्बेसी यूथ पायोनियर प्रोग्राम (सी.एन.वाई.पी.)’ नामक कार्यक्रम की घोषणा की है। इसमें बताया गया है कि इस पहल का उद्देश्य नेतृत्व विकास, सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन में युवाओं की भूमिका का विस्तार तथा चीन–नेपाल के बीच आपसी समझ और सहयोग को मजबूत करना है।
काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के शनिवार कए एक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को नेतृत्व प्रशिक्षण, नीतिगत एवं सामाजिक मुद्दों पर चर्चा, कार्यशालाओं और अध्ययन भ्रमण में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही चयनित युवाओं को चीन यात्रा का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
दूतावास ने बताया कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य नेपाल में ‘परिवर्तनकारी सोच’ रखने वाले युवाओं का एक नेटवर्क तैयार करना है। प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, कूटनीतिज्ञों और उद्यमियों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आयु सीमा 22 से 34 वर्ष निर्धारित की गई है। इच्छुक युवा पेशेवर, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।
दूतावास ने आवेदन पत्र अंग्रेज़ी में भरकर ईमेल cnypnepal@163.com पर भेजने को कहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई 2026 निर्धारित की गई है।
दूतावास के अनुसार आवेदन पत्रों का मूल्यांकन कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप किया जाएगा और अंततः 10 से 20 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
चयनित प्रतिभागी एक वर्ष तक विभिन्न प्रशिक्षण, गतिविधियों और नेटवर्किंग कार्यक्रमों में शामिल रहेंगे। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद वे पूर्व प्रतिभागी नेटवर्क (एलुमनाइ) से जुड़ेंगे, जो निरंतर अवसर और सहयोग के मंच उपलब्ध कराएगा।
काठमांडू स्थित दूतावास ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को समुदाय-आधारित परियोजनाओं के संचालन के लिए प्रोत्साहित करेगा।
दूतावास को उम्मीद है कि यह पहल नेपाल के युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ सतत सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देगी।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका भी नेपाली युवाओं को लक्षित कर ऐसे कार्यक्रम संचालित करता रहा है। अमेरिकी यूथ काउंसिल के नाम से चल रहे इस संस्था के बारे में आम लोगों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को उस समय जानकारी हुई जब नेपाल में जेन-जी आंदोलन से जुड़े सभी बड़े नाम और नेतृत्वकर्ता अमेरिकी यूथ काउंसिल से उनकी आबाद्धता का पता चला।
इतना ही नहीं नेपाल में सुशीला कार्की के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार के अधिकांश मंत्री अमेरिकी यूथ काउंसिल से ही जुड़े दिखाई दिए। अंतरिम प्रधानमंत्री कार्की के निजी सलाहकार रहे सभी व्यक्ति का जुड़ाव कभी न कभी अमेरिकी यूथ काउंसिल से होने की बात सामने आई थी।
विश्लेषकों के अनुसार, चीन और अमेरिका जैसे बड़े शक्ति राष्ट्रों द्वारा चलाए जाने वाले ये कार्यक्रम केवल शैक्षिक या नेतृत्व विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ‘सॉफ्ट पावर कूटनीति’ का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
सी.एन.वाई.पी. कार्यक्रम और अमेरिकी नेतृत्व विकास कार्यक्रमों की तुलना से स्पष्ट होता है कि दोनों देश नेपाल के युवा जनशक्ति तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक रूप से एक्सचेंज कार्यक्रम चला रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

