नेपाल-चीन के बीच सीमा सुरक्षा समन्वय पर बैठक में उठा केरूंग क्षेत्र का मुद्दा

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नेपाल-चीन के बीच सीमा सुरक्षा समन्वय पर बैठक में उठा केरूंग क्षेत्र का मुद्दा


काठमांडू, 24 मई (हि.स.)। नेपाल और चीन के बीच नियमित सीमा समन्वय बैठक रसुवा जिले के धुन्चे स्थित जिला प्रशासन कार्यालय में रविवार को हुई है। नेपाल की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी राजेश पन्थी और चीन के अधिकारियों का का नेतृत्व चु जिनशुन ने किया। बैठक में केरूंग क्षेत्र का मुद्दा उठा।

अधिकारियों के अनुसार बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने, व्यापार सुगम करने, आपसी समन्वय बढ़ाने, सीमा पार अपराध नियंत्रण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कहा गया है कि यह बैठक नेपाल और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंध, आपसी विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने में उपयोगी रही। दोनों पक्षों ने हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए व्यापार, यातायात और दैनिक जीवन को आसान बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

नेपाल ने केरूंग क्षेत्र में कार्यरत नेपाली नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है। दोनों देशों ने सीमा क्षेत्र में अवैध व्यापार और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी-अपनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई।

रसुवा जिले के बाहर के नेपाली ड्राइवरों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रवेश की अनुमति देने के विषय पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। चीन के अधिकारियों ने संकेत दिया कि पासपोर्ट रखने वाले और अच्छे आचरण रिकॉर्ड वाले ड्राइवरों को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। इस कदम का नेपाली परिवहन व्यवसायियों और कारोबारी समुदाय ने स्वागत किया है।

अधिकारियों के अनुसार, चीन की पहले की उस नीति में नरमी आने की उम्मीद है, जिसमें केवल रसुवा जिले के ड्राइवरों को प्राथमिकता दी जाती थी। इससे व्यापार और यातायात गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई है। जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार, सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान और द्विपक्षीय सुरक्षा समन्वय तथा सहयोग को मजबूत करने के लिए इस तरह की बैठकें नियमित रूप से बारी-बारी से और रसुवा में आयोजित की जाती हैं।

स्थानीय समाजसेवी मिलन तामाङ ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुधरते माहौल, व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ती सहजता और नेपाल-चीन के मैत्रीपूर्ण संबंधों ने रसुवा समेत उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों में नई आशा पैदा की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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