नेपाल के बीपी राजमार्ग में फंसे सैकड़ों भारतीय एवं स्थानीय यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा काठमांडू
काठमांडू, 26 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के कुछ इलाकों में शनिवार को हुई भारी बारिश के कारण काठमांडू-जनकपुर को जोड़ने वाले बीपी राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस राजमार्ग में फंसे सैकड़ों भारतीय और स्थानीय यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते से निकलने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम से आज अभी तक राजमार्ग बंद है। इसको खोलने में अभी कई घंटे का समय लगेगा। इसलिए इस राजमार्ग पर शनिवार से फंसे लोगों को दूसरे रास्ते से वापस काठमांडू भेजा जा रहा है।
मंगलटार इलाका प्रहरी कार्यालय के प्रमुख पुलिस निरीक्षक ईश्वर कार्की का कहना है कि सड़क खोलने का काम जारी है। मगर लगता नहीं कि आज शाम तक भी सड़क खुल पाएगी। कार्की के मुताबिक, रोशी नदी में आई बाढ़ से चौकीडाँडा, घुमाउने, चारसय बेँसी, गिम्दी बेँसी, नार्के, चिउरीबास, बोक्सीकुना, कालढुंगा, डालाबेशी, ठुलोढुंगा और माम्ती क्षेत्रों के डायवर्जन बह गए हैं। इसी तरह नेपालथोक और सिंधुली के आँपघारी क्षेत्र में भी डायवर्जन क्षतिग्रस्त हुआ है।
जिला पुलिस प्रमुख एसपी कोमल शाह के अनुसार, बीपी राजमार्ग के विभिन्न स्थानों पर डायवर्जन बह जाने के कारण काभ्रे के मंगलटार, भकुण्डे, काभ्रेभञ्ज्याङ और धुलिखेल तथा सिंधुली के नेपालथोक और खुर्कोट में सैकड़ों वाहनों को रोका गया था। शाह के मुताबिक इन यात्रियों में अधिकांश भारतीय पर्यटक हैं जो घूमने आए थे और वापस जाने के क्रम में फंस गए हैं।
आज सुबह से भकुण्डे, काभ्रेभञ्ज्याङ और धुलिखेल में रुके वाहनों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेज दिया गया है। मंगलटार क्षेत्र में फंसे भारतीय और स्थानीय यात्रियों को भी वैकल्पिक मार्ग से भेजना शुरू कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मंगलटार तक यात्रियों को लाने वाले वाहनों को वहीं रोका गया है। यात्रियों को रोशी नदी पार तक पैदल भेजा जा रहा है, जहां से दूसरे वाहनों की व्यवस्था कर तेमाल के कालधार–नारायणस्थान–भकुण्डे होते हुए धुलिखेल की ओर भेजा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मौसम में सुधार और सड़क सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही दोबारा वाहनों का संचालन शुरू किया जाएगा। सड़क की जानकारी के लिए नेपाल पुलिस के 100 और ट्रैफिक पुलिस के 103 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। बीपी राजमार्ग बंद होने से काठमांडू से पूर्वी पहाड़ी और तराई क्षेत्रों की ओर जाने वाले तथा राजधानी आने वाले सैकड़ों वाहन प्रभावित हुए हैं। इससे पहले वर्ष २०२४ सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में आई भीषण बाढ़ ने भकुण्डे से नेपालथोक तक लगभग 28 किलोमीटर सड़क खंड को भारी नुकसान पहुंचाया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

