अफगानिस्तान आईसीसी को मान्यता नहीं देता, चार अधिकारियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को खारिज किया
मॉस्को, 06 अक्टूबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। अफगानिस्तान ने अपने चार तालिबान अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के वारंट को खारिज कर दिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, ''चारों वरिष्ठ तालिबान अधिकारी इस गिरफ्तारी वारंट को नहीं मानते हैं। वह न ही इस कोर्ट और उसके फैसलों को मान्यता देते हैं।''
मुजाहिद ने कहा, अफगानिस्तान आईसीसी नाम की किसी भी अदालत को मान्यता नहीं देता है और न ही इसके फैसलों को कोई महत्व देता है। अच्छी बात यह है कि अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के नेताओं ने ऐसा कोई काम नहीं किया है जिसके लिए उन्हें कोई अदालत गिरफ्तार करे सके या सजा दी जा सके।
उन्होंने कहा, अफगानिस्तान अपनी कानूनी व्यवस्था में इस्लामिक कानून के सिद्धांतों का पालन करता है। अफगानिस्तान इस्लामिक शरिया और अपनी अदालतों के फैसलों से बंधा हुआ है न कि खुफिया एजेंसियों या तथाकथित अदालतों के फैसलों से।
आईसीसी ने सोमवार को अफगानिस्तान के शिक्षामंत्री हबीबुल्लाह आगा और उच्च शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम के लिए पूर्व में जारी गिरफ्तारी वारंट को सार्वजनिक किया है। इससे पहले देश के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा और उच्चतम न्यायालय के प्रमुख अब्दुल हकीम हक्कानी के लिए भी ऐसा ही वारंट जारी किया जा चुका है। इन पर महिलाओं और लड़कियों के साथ लिंग-आधारित उत्पीड़न का आरोप है। आईसीसी ने कहा कि आगा और नदीम के लिए वारंट 9 सितंबर 2025 को ही जारी कर दिए गए थे, लेकिन अब तक उन्हें गुप्त रखा गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

