इटली में प्रदर्शन में हिंसा भड़काने का आरोपित रिहा, मेलोनी ने फैसले को बताया शर्मनाक
मिलान, 28 अक्टूबर (हि.स.)। इटली में हिंसक प्रदर्शनों को कथित तौर पर भड़काने के आरोप में गिरफ्तार 30 वर्षीय स्वतंत्र पत्रकार और शोधकर्ता यूसुफ सिहर को अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे “शर्मनाक” करार दिया और कहा कि इससे पुलिस तथा जांचकर्ताओं के काम का अपमान हुआ है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी वीडियो संदेश में कहा, “यह एक शर्मनाक फैसला है। मेरे विचार से यह पुलिस बल, जांच अधिकारियों और गृह मंत्रालय के काम का असहनीय अपमान है। ये सभी लोग आम नागरिकों को इस खतरे से बचाने के लिए प्रयासरत हैं कि उनके शहरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की जाए।”
मोरक्को मूल के इतालवी नागरिक सिहर को 24 अक्टूबर को मिलान के अभियोजकों ने अपराध के लिए उकसाने और कथित आतंकवादी उद्देश्यों से जुड़े आरोपों में हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, वह ‘अक्टूबर 17 मूवमेंट’ नामक टेलीग्राम समूह का प्रशासक था। यह समूह मिलान में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद बनाया गया था।
हालांकि, मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश तिजियाना लांडोनी ने जांच में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि सिहर के खिलाफ लगाए गए अपराधों में उसकी संलिप्तता मानने के लिए पर्याप्त गंभीर आधार नहीं हैं और उसके फरार होने का जोखिम भी नहीं है।
अदालत के अनुसार, विवादित संदेश समूह के अन्य सदस्यों ने पोस्ट किए थे। सिहर के हिंसक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने या उनका समर्थन करने के प्रमाण नहीं मिले। सिहर ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
-----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

