मदुरो ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति, सत्ता को लेकर कोई शून्यता नहीं : विदेश मंत्री इवान गिल
कराकस, 03 जनवरी (हि.स.)। वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच देश के विदेश मंत्री इवान गिल ने स्पष्ट किया है कि निकोलस मदुरो ही वेनेजुएला के वैध और संवैधानिक राष्ट्रपति बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मदुरो की गिरफ्तारी से शासन व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है और देश का संविधान पूरी मजबूती के साथ लागू है।
राज्य टीवी पर बयान देते हुए इवान गिल ने कहा कि वेनेजुएला का संविधान पूरी तरह स्पष्ट है। उनके अनुसार, देश के निर्वाचित और संवैधानिक राष्ट्रपति निकोलस मदुरो मोरोस हैं और उनकी भौतिक उपस्थिति को तत्काल बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई संविधान और संप्रभुता का उल्लंघन है।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि देश की सभी संस्थाएं पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सशस्त्र बल, पुलिस और प्रशासनिक ढांचा सक्रिय है और राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैनात है। गिल के मुताबिक, जनता और राज्य संस्थानों के बीच समन्वय बना हुआ है और किसी भी तरह का सत्ता शून्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला एक मजबूत राज्य है, जिसने इतिहास में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। संविधान इतना मजबूत और लचीला है कि वह मौजूदा संकट समेत किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और संस्थाओं पर भरोसा रखने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

