ईरान के यूरेनियम भंडार पर मैक्रों की चिंता, आईएईए निगरानी और होर्मुज में सुरक्षित नौवहन पर दिया जोर
पेरिस, 15 जून (हि.स.)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक सीमित रहे।
मैक्रों ने सुझाव दिया कि उपलब्ध यूरेनियम भंडार को या तो देश के बाहर स्थानांतरित किया जाए अथवा उसे इस स्तर तक निष्क्रिय या पतला किया जाए कि उसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों के निर्माण में न किया जा सके। उन्होंने इस प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वतंत्र निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का भी उल्लेख किया और कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रांस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहेगा कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बाधित न हो और उन पर किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव या शुल्क न लगाया जाए।
मैक्रों के अनुसार, क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और मुक्त नौवहन को बनाए रखने के उद्देश्य से फ्रांस और ब्रिटेन एक संयुक्त मिशन तैनात करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि फ्रांसीसी नौसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती भी निकट भविष्य में की जा सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

