ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, 71 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

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ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, 71 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस


वॉशिंगटन, 12 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके कार्यालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि ग्राहम का निधन अचानक हुई एक संक्षिप्त बीमारी के बाद हुआ।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, वॉशिंगटन स्थित कैपिटल हिल स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट की सूचना मिलने पर आपातकालीन चिकित्सा दल पहुंचा था। हालांकि आधिकारिक तौर पर मृत्यु के कारण की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

दक्षिण कैरोलिना से लंबे समय तक सीनेटर रहे ग्राहम अमेरिकी राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वे शुरुआती दौर में डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक रहे, लेकिन ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों और समर्थकों में शामिल हो गए। विदेश नीति के मामलों में ग्राहम का रुख हमेशा सख्त रहा। वे इजरायल और यूक्रेन के प्रबल समर्थक तथा ईरान के मुखर आलोचक थे।

उनके निधन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, लिंडसे ग्राहम उन महानतम लोगों और सीनेटरों में से एक थे जिन्हें मैं जानता था। अमेरिका ने एक सच्चा देशभक्त खो दिया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ग्राहम को याद करते हुए कहा कि वे अपने साथियों के लिए हमेशा मजबूती से खड़े रहते थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ग्राहम सहयोग करने में कभी पीछे नहीं हटते थे और रिपब्लिकन पार्टी की सफलता के लिए हमेशा समर्पित रहे।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ग्राहम को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सच्चा रक्षक बताया।

वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने अपना एक सबसे बड़ा मित्र खो दिया है, अमेरिका ने एक महान देशभक्त और मैंने अपना प्रिय मित्र खो दिया।

दक्षिण कैरोलिना के कानून के अनुसार, राज्य के गवर्नर हेनरी मैकमास्टर अंतरिम सीनेटर की नियुक्ति करेंगे। इसके बाद नवंबर में होने वाले आम चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी नए उम्मीदवार का चयन करेगी। ग्राहम के निधन से सीनेट में ट्रंप प्रशासन ने एक भरोसेमंद सहयोगी जरूर खो दिया है, हालांकि दक्षिण कैरोलिना रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ होने के कारण इस सीट पर पार्टी की पकड़ बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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