सात अक्टूबर की बरसी पर लिकुड ने चैनल-12 पर साधा निशाना, नेतन्याहू का किया बचाव

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तेल अवीव, 07 अक्टूबर (हि.स.)। इजराइल में 07 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए समाचार चैनल चैनल-12 पर निशाना साधा। पार्टी ने चैनल पर नेतन्याहू के खिलाफ ‘‘झूठा राजनीतिक प्रचार’’ प्रसारित करने का आरोप लगाया और हमास के हमले से पहले तथा उसके दौरान हुई सुरक्षा संबंधी विफलताओं के लिए प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी पर उठ रहे सवालों को खारिज करने की कोशिश की।

लिकुड ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नेतन्याहू को 07 अक्टूबर की सुबह हमास के हमले की कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली थी। पार्टी के अनुसार, प्रधानमंत्री को पहली जानकारी सुबह 6:29 बजे मिली। लिकुड ने हमले से पहले की खुफिया आकलनों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय हमास को नियंत्रित माना जा रहा था और वह तनाव कम करने की कोशिश कर रहा था।

पार्टी ने हालांकि यह आरोप लगाया कि सुरक्षा तंत्र के कुछ अधिकारियों को हमले से पहले के घंटों में खतरे के संकेत मिले थे, लेकिन उन्होंने नेतन्याहू, पुलिस, सीमा से लगे समुदायों, स्थानीय सुरक्षा टीमों, सैनिकों या नोवा संगीत समारोह में मौजूद लोगों को समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी। लिकुड ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को वास्तविक समय में जानकारी दी गई होती तो परिस्थितियां अलग होतीं।

लिकुड ने अपने बयान में बाद में युद्ध के दौरान नेतन्याहू के नेतृत्व में इजराइल की सैन्य उपलब्धियों का उल्लेख किया और चैनल-12 पर दक्षिणपंथी सरकार को गिराने तथा वामपंथी और अरब दलों की सरकार स्थापित कराने की कोशिश का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि ऐसी सरकार फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ेगी। ये आरोप लिकुड के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

इस बीच, नेतन्याहू ने 07 अक्टूबर की तीसरी बरसी पर आयोजित कई स्मृति समारोहों में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने सोमवार को सरकार द्वारा तय आधिकारिक हिब्रू कैलेंडर की तारीख पर आयोजित स्मृति कार्यक्रम में भाग लिया था। बुधवार के कई कार्यक्रम पीड़ितों के परिवारों और हमले से बचे लोगों द्वारा आयोजित किए गए।

बरसी के मौके पर 07 अक्टूबर की सुरक्षा विफलता को लेकर इजराइल में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस भी जारी है। नेतन्याहू ने पूर्व में सुरक्षा अधिकारियों पर उन्हें हमले से पहले पर्याप्त रूप से सचेत न करने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्षी नेता और अन्य आलोचक उनकी सरकार की जवाबदेही की मांग करते रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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