जनकपुरधाम-अयोध्या के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन का हुआ ट्रायल रन, पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

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जनकपुरधाम-अयोध्या के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन का हुआ ट्रायल रन, पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार


जनकपुरधाम-अयोध्या के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन का हुआ ट्रायल रन, पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार


काठमांडू, 05 नवंबर (हि.स.)। नेपाल के जनकपुरधाम और भारत के अयोध्या के बीच प्रस्तावित विशेष ट्रेन सेवा का गुरुवार को ट्रायल रन किया गया है। भारत की विशेष ट्रेन दो इंजन और सात डिब्बों के साथ भारत के जयनगर से नेपाल के जनकपुरधाम स्थित कुर्था स्टेशन तक पहुंची। इस ट्रायल रन से दोनों देशों के बीच रेल संपर्क शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

धनुषा के मुख्य जिला अधिकारी भूदेव झा के अनुसार बिहार के जयनगर से ट्रायल रन के लिए ट्रेन सुबह 11 बजे जनकपुरधाम पहुंची। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा के दौरान इस सेवा का उद्घाटन करने की तैयारी की जा रही है। ट्रायल रन के दौरान भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम भी ट्रेन में मौजूद थी। इसमें पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के अपर महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार, रेलवे के ट्रैक ऑपरेशन मैनेजर और मुख्य सुरक्षा कमांडर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जयनगर से कुर्था तक के निरीक्षण में नेपाली अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

इस दौरान नेपाल रेलवे कंपनी के प्रबंध निदेशक परिवेश पराजुली, धनुषा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी भूदेव झा और धनुषा के पुलिस अधीक्षक रूपेश खड़का सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। गुरुवार को किए गए इस परीक्षण में रेलवे ट्रैक, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेन संचालन से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई।

नेपाल रेलवे कंपनी के प्रबंध निदेशक परिवेश पराजुली के अनुसार विशेष ट्रेन सेवा के संचालन की तैयारियों के तहत यह ट्रायल रन किया गया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के दौरान विशेष ट्रेन सेवा का उद्घाटन करने की तैयारी चल रही है। इसी तैयारी के तहत भारतीय रेलवे के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने ट्रायल रन किया। उन्होंने बताया कि ट्रेन सेवा शुरू करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है, क्योंकि संबंधित एजेंसियों की ओर से निरीक्षण का काम जारी है। सभी परिचालन, प्रबंधन, तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी होने के बाद ही सेवा शुरू की जाएगी।

पराजुली ने कहा कि सेवा शुरू करने की तारीख अभी अंतिम नहीं हुई है। विभिन्न एजेंसियां निरीक्षण कर रही हैं। सभी पहलुओं की पुष्टि होने के बाद ही ट्रेन संचालन की घोषणा की जाएगी। ट्रेन के संचालन के तरीके, रखरखाव, तकनीकी और प्रशासनिक मामलों पर चर्चा हो रही है। इसी क्रम में मार्ग का स्थलीय परीक्षण किया गया है। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद सेवा शुरू होगी। ट्रायल रन के दौरान भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने नेपाली रेलवे और सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी चर्चा की।

पराजुली ने बताया कि नेपाल की सीमा के भीतर ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी नेपाली पक्ष की होगी।उन्होंने कहा कि संचालन का मॉडल अभी तय नहीं हुआ है। फिलहाल सेवा शुरू होने पर भारतीय ट्रेनें ही चलेंगी। भविष्य में नेपाल की ट्रेनों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नेपाल की सीमा के भीतर परिचालन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी हमारी होगी, जबकि भारत की सीमा में ट्रेन और उसके संचालन से जुड़े मामलों को भारतीय पक्ष देखेगा। कुछ दिन पहले भी नेपाल और भारत के रेलवे, सुरक्षा, कस्टम और इमिग्रेशन अधिकारियों की टीम ने विशेष निरीक्षण वाहन के जरिए जयनगर-जनकपुरधाम-कुर्था रेलखंड का स्थलीय निरीक्षण किया था।

धार्मिक संबंधों के साथ पर्यटन और व्यापार को मिलेगी मजबूती

जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच प्रस्तावित रेल सेवा से जनकपुरधाम में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। माता सीता की जन्मस्थली जनकपुरधाम और भगवान राम की नगरी अयोध्या के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से रामायण सर्किट के तहत धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दोनों धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम स्थित जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी ने कहा कि इस सेवा का सीधा लाभ पूरे नेपाल को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने भी रेल सेवा शुरू करने की पहल की थी। अब यह संचालन की दिशा में आगे बढ़ रही है। पर्यटकों के आने से निश्चित रूप से जनकपुरधाम के कारोबारियों को फायदा होगा। इसके अलावा, जब ये पर्यटक देश के दूसरे हिस्सों में जाएंगे तो इससे पूरे नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

भंडारी के अनुसार जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच हवाई सेवा शुरू करने को लेकर भी कई बार चर्चा हुई है, लेकिन अब तक यह सेवा शुरू नहीं हो सकी है। फिलहाल नेपाल की एकमात्र रेल सेवा महोत्तरी जिले के भंगहा से भारत के जयनगर के बीच संचालित हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

Livevns.news Desk
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