विदेश मंत्री जयशंकर ने रोम में इटली के राष्ट्रपति से रणनीतिक साझेदारी पर की चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने रोम में इटली के राष्ट्रपति से रणनीतिक साझेदारी पर की चर्चा


रोम/नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यहां इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैतरेला और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने इन नेताओं से रक्षा, साइबर सुरक्षा के अलावा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। इटली के अपने समकक्ष एंतोनियो ताजानी के निमंत्रण पर रोम पहुंचे जयशंकर ने शुक्रवार को पुर्तगाल और इटली की अपनी चार दिवसीय यात्रा पूरी की।

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि रोम में बैठक के दौरान इटली के राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत-इटली तथा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को गहरा बनाने के अपने मजबूत समर्थन को दोहराया। इस मुलाकात पर जयशंकर ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, ''दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वह राष्ट्रपति मैतरेला के मागदर्शन को अहमियत देते हैं। एक अस्थिर और अनिश्चित दुनिया में भारत-इटली का संबंध स्थिरता का कारक है।''

विदेशमंत्री जयशंकर ने इटली के रक्षा मंत्री गुइदो क्रोसेतो से मुलाकात के दौरान रक्षा विनिर्माण और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, साइबर सुरक्षा और समुद्री क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग समेत कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत की। बयान के अनुसार जयशंकर की इटली यात्रा ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से कायम ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ किया है। समकालीन वैश्विक मुद्दों और चुनौतियों समेत रणनीति साझेदारी के विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाया है। उन्होंने इटली के उद्यम मंत्री एडॉल्फो उर्सो से भी मुलाकात की। उनसे कृषि-प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डिजिटल बुनियादी ढांचा, नवोन्मेष और अंतरिक्ष क्षेत्र पर जोर देते हुए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, 'उद्यम मंत्री एडॉल्फो उर्सो के साथ सार्थक बातचीत हुई। 'मेड इन इटली' और 'मेड इन इंडिया' के अनुभवों को साझा किया। मुझे विश्वास है कि आज हमारी बातचीत से आर्थिक साझेदारी का दायरा बढ़ेगा।' इससे पहले जयशंकर ने इटली में अपने समकक्ष ताजानी के साथ व्यापक व सार्थक बैठक की। दोनों देशों ने श्रमिकों, छात्रों और पेशेवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवाजाही और प्रवासन साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। डॉ. जयशंकर ने सीनेट के विदेश मामलों और रक्षा आयोग के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार/मुकुंद/पवन

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