इजराइल ने सात अक्टूबर हमले के आरोपितों पर कार्रवाई के लिए बनाया विशेष सैन्य न्यायाधिकरण
यरुशलम, 12 मई (हि.स.)। इजराइल की संसद 'नेसेट' ने 07 अक्टूबर 2023 को देश पर हुए हमलों में शामिल फिलिस्तीनी लड़ाकों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए विशेष सैन्य न्यायाधिकरण स्थापित करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संसद में यह विधेयक 93 मतों के समर्थन से पारित हुआ, जबकि इसके विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। इसे इजराइली राजनीति में दुर्लभ द्विदलीय समर्थन माना जा रहा है।
नए कानून के तहत इजराइल की सैन्य न्याय प्रणाली के भीतर एक विशेष अदालत बनाई जाएगी, जो उन लगभग 300 संदिग्ध लड़ाकों के मामलों की सुनवाई करेगी, जिन्हें 07 अक्टूबर के हमलों के दौरान या उसके बाद इज़राइली सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया था। ये सभी आरोपित तब से हिरासत में हैं।
विधेयक के अनुसार न्यायाधिकरण को नरसंहार, इजराइल की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने, युद्ध भड़काने, युद्धकाल में दुश्मन की सहायता करने और आतंकवाद जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक 07 अक्टूबर 2023 को लगभग पांच से छह हजार फिलिस्तीनी लड़ाके, जिनमें मुख्य रूप से हमालस और अन्य सशस्त्र समूहों के सदस्य शामिल थे, जमीन, समुद्र और हवा के रास्ते इजराइल में दाखिल हुए थे। इसके बाद गाजा सीमा से लगे कई इलाकों में समन्वित हमले किए गए।
इन हमलों में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था। इस घटना के बाद से क्षेत्र में संघर्ष लगातार जारी है और इजराइल तथा हमास के बीच तनाव चरम पर बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

