ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के दौर में इजराइल का दक्षिणी बेरूत पर हमला

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ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के दौर में इजराइल का दक्षिणी बेरूत पर हमला


लेबनान, 14 जून (हि.स.)। इज़राइल ने रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियाह पर हवाई हमला किया। इजरायली युद्धक विमानों ने हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर बमबारी की, जिससे दो बड़े विस्फोट हुए और कई स्थानों से धुआं उठता देखा गया। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संवेदनशील शांतिवार्ता के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तुर्किए की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी के अनुसार, इज़राइली सेना ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए। इज़राइल ने कहा कि यह कार्रवाई उत्तरी इज़राइल की ओर दागे गए प्रोजेक्टाइल के जवाब में की गई है। वहीं, इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ-साथ अमेरिका-ईरान के बीच चल रही संवेदनशील वार्ता के भविष्य को लेकर भी चिंताएं गहरा गई हैं।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि सेना ने दहियेह इलाके में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। इज़राइली सेना का दावा है कि हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल की ओर तीन प्रोजेक्टाइल दागे थे, जिसे उसने संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब उत्तरी इजराइल में हिजबुल्लाह के कथित ड्रोन हमलों के बाद इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर और वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने दहियाह पर सैन्य कार्रवाई की मांग की थी।

वहीं, लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों के लिए विस्थापन आदेश जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में जाने को कहा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता ज्ञापन को लेकर बातचीत जारी है। ईरान ने पहले ही स्पष्ट किया है कि दक्षिणी बेरूत पर हमलों को वह एक रेड लाइन मानता है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि लेबनान की स्थिति को किसी भी संभावित समझौते से अलग नहीं किया जा सकता।

17 अप्रैल से प्रभावी युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। इजरायली सेना 2 मार्च से लेबनान में सैन्य अभियान चला रही है और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में उसकी मौजूदगी बनी हुई है।

लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 3,700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 11,500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 15 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

दूसरी ओर, विश्लेषकों का मानना है कि बेरूत पर ताजा हमले न केवल इज़राइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष को और भड़का सकते हैं, बल्कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को भी प्रभावित कर सकते हैं। इस बीच, कतर सहित कई क्षेत्रीय पक्ष तनाव कम करने और वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता आगे बढ़ पाएगा या ताजा सैन्य घटनाक्रम इसके रास्ते में नई बाधाएं खड़ी करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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