इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में लापता पर्वतारोहियों की तलाश जारी
जकार्ता, 09 मई (हि.स.)। इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी माउंट डुकोनो में हुए भीषण विस्फोट के बाद लापता पर्वतारोहियों की तलाश लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन 'एजेंसी राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी' (बीएनपीबी) ने शनिवार को बताया कि राहत एवं बचाव दल कठिन परिस्थितियों के बीच तीन लापता लोगों की खोज में जुटे हुए हैं।
बीएनपीबी के आपदा सूचना और संचार केंद्र के प्रमुख अब्दुल मुहारी ने बताया कि लापता लोगों में दो विदेशी नागरिक और एक इंडोनेशियाई पर्वतारोही शामिल है। खोज अभियान के दूसरे दिन राहत दलों ने उस इलाके पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, जहां पीड़ितों के होने की आशंका जताई गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों विदेशी पर्वतारोहियों का पता मुख्य क्रेटर के किनारे से लगभग 20 से 30 मीटर की दूरी पर लगाया गया है। हालांकि, ज्वालामुखी क्षेत्र में अत्यधिक खतरनाक भूभाग और लगातार बढ़ती ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान अभी शुरू नहीं किया जा सका है। वहीं, तीसरे लापता इंडोनेशियाई पर्वतारोही का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
बीएनपीबी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि 17 अप्रैल से माउंट डुकोनो के ट्रैकिंग मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, इसके बावजूद पर्वतारोहण गतिविधियां जारी रहीं। एजेंसी ने पर्वतारोहण संचालकों और आम लोगों से बंदी संबंधी जानकारी व्यापक रूप से साझा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 7:40 बजे हुए ज्वालामुखी विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई। विस्फोट के दौरान राख का विशाल गुबार लगभग 10 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंच गया था।
राहत एजेंसियों ने लोगों को ज्वालामुखी के क्रेटर से चार किलोमीटर के दायरे में किसी भी गतिविधि से बचने की सलाह दी है। साथ ही भारी बारिश के दौरान ज्वालामुखीय कीचड़ बहाव का खतरा भी जताया गया है।
समुद्र तल से 1,087 मीटर ऊंचा माउंट डुकोनो इंडोनेशिया के 127 सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल है और यह क्षेत्र लगातार भूकंपीय गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता है।
----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

