नागासाकी परमाणु बम विस्फोट के पीड़ितों को भारतीय राजदूत ने दी श्रद्धांजलि
टोक्यो, 08 अगस्त (हि.स.)। जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने नागासाकी पर हुए परमाणु बम हमले की 81वीं बरसी से पहले शनिवार को विस्फोट के केंद्र का दौरा कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नागासाकी परमाणु बम संग्रहालय का भी दौरा किया और परमाणु हमले से हुई तबाही को समझने का प्रयास किया।
भारत के फुकुओका स्थित वाणिज्य दूतावास के अनुसार, राजदूत मलिक ने उस स्थान पर पहुंचकर उन सभी लोगों की स्मृति को नमन किया, जिन्होंने 1945 के परमाणु हमले में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने कामना की कि नागासाकी दुनिया का आखिरी ऐसा शहर हो, जिसने परमाणु बम की भयावहता झेली हो।
राजदूत ने नागासाकी शहर के मेयर शिरो सुजुकी और नागासाकी प्रांत के गवर्नर केन शिराता से भी मुलाकात की। यह मुलाकात नागासाकी शांति स्मारक समारोह के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई।
इससे एक दिन पहले राजदूत मलिक ने हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। हिरोशिमा शांति स्मारक समारोह से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के मेयर काजुमी मात्सुई, हिरोशिमा प्रीफेक्चरल असेंबली के अध्यक्ष ताकाशी नाकामोटो, सांसदों, भारत-जापान मैत्री संगठन के प्रतिनिधियों और जापान में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।
इस अवसर पर राजदूत ने महात्मा गांधी के शांति संदेश को याद करते हुए कहा कि शांति केवल किसी मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं, बल्कि उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है।
हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई ने भी दुनिया में जारी संघर्षों पर चिंता जताते हुए स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, प्रीफेक्चरल असेंबली के अध्यक्ष ताकाशी नाकामोटो ने कहा कि मानवता को विश्व में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

