पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में पीटीआई के पूर्व नेता उस्मान डार के भाई की पुलिस हिरासत को स्वीकारा

पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में पीटीआई के पूर्व नेता उस्मान डार के भाई की पुलिस हिरासत को स्वीकारा


पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर हाई कोर्ट में पीटीआई के पूर्व नेता उस्मान डार के भाई की पुलिस हिरासत को स्वीकारा


इस्लामाबाद, 09 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने मंगलवार को लाहौर हाई कोर्ट को बताया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पूर्व नेता उस्मान डार का भाई उमर डार वर्तमान में सियालकोट पुलिस की हिरासत में है। उस्मान डार ने आरोप लगाया था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनके भाई को अगवा कर अवैध तौर पर हिरासत में लिया है। डार ने इस संबंध में याचिका दायर कर लाहौर हाई कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई थी।

स्थानीय अखबार डान की रिपोर्ट के अनुसार लाहौर हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता गुलाम सरवर निहान प्रांतीय सरकार के वकील के रूप में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि उमर डार को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया है। वह कैंट पुलिस स्टेशन में सियालकोट पुलिस की हिरासत में है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 30 दिसंबर को दावा किया था कि उमर का लाहौर में अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुलिस को 24 घंटे के भीतर उसे बरामद करने का निर्देश दिया था। पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने उमर की गिरफ्तारी या हिरासत से इनकार करने वाली पंजाब पुलिस की रिपोर्ट को असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया था। अगले दिन हाई कोर्ट ने पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. उस्मान अनवर को कथित अपहरण के सीसीटीवी फुटेज के आलोक में एक नई रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में डार बंधुओं की मां रेहाना ने पीएमएल-एन के नेता ख्वाजा आसिफ और पुलिस पर उनके सियालकोट स्थित घर पर छापा मारने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। आसिफ और सियालकोट पुलिस ने उनके दावे का खंडन किया था। जस्टिस अली बकर नजफी ने आज की सुनवाई की अध्यक्षता की। इस दौरान अदालत में रेहाना और उमर की बेटी मौजूद रहीं। उमर के वकील अबुजर सलमान नियाजी ने अपना पक्ष रखा।

पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता गुलाम सरवर निहान ने हाई कोर्ट को बताया कि उमर को दो एफआईआर में नामित किया गया था। यह एफआईआर नौ मई के हिंसक दंगों से संबंधित थीं। यह एफआईआर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद दायर की गई थीं।

इस बीच हाई कोर्ट ने चुनाव अपीलीय न्यायाधिकरण की एनए-71 (सियालकोट-द्वितीय) निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र की अस्वीकृति के खिलाफ डार बंधु की मां रेहाना की अपील स्वीकार कर ली। वकील नियाजी ने पुष्टि की कि उन्हें अब आगामी आठ फरवरी का आम चुनाव लड़ने की अनुमति दी है।

हिन्दुस्थान समाचार/मुकुंद/सुनीत

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