होर्मुज सुरक्षा मिशन में नाटो की भूमिका पर फ्रांस ने जताई आपत्ति

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पेरिस, 21 मई (हि.स.)। होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच जहाजों की सुरक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि इस मिशन में नाटो की भागीदारी उचित नहीं होगी। फ्रांस का मानना है कि इस क्षेत्र की जटिल परिस्थितियों को देखते हुए समाधान के लिए अलग कूटनीतिक और सुरक्षा तंत्र अपनाए जाने चाहिए।

फ्रांस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नाटो की मूल भूमिका उत्तर अटलांटिक क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा तक सीमित है और मध्य-पूर्व से जुड़े मामलों में उसकी प्रत्यक्ष भागीदारी को उपयुक्त नहीं माना जाता। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए अलग रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

फ्रांस का कहना है कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए सैन्य गठबंधन की भूमिका बढ़ाने के बजाय क्षेत्रीय सहयोग और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जाना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। हाल के तनावों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण यहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर कई देशों के बीच चर्चा तेज हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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