नेपाल में नए सत्ता समीकरण के कारण चार राज्य सरकारों पर संकट के बादल



काठमांडू, 21 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल में बदले सत्ता समीकरण के कारण चार राज्यों की सरकारों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नए राजनीतिक समीकरण के चलते इन राज्यों की सरकारें अल्पमत में आ गई हैं, तो कहीं नए शपथ लेने वाले मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। कहीं की सरकार संवैधानिक पेंचों में उलझी हुई है तो कहीं पुरानी सरकार को हटाने के लिए कई हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

सुदूरपश्चिम प्रदेश की सरकार अपने गठन के 24 घंटे में ही अल्पमत में आ गई है। इस प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबी खींचतान के बाद एकीकृत समाजवादी को मुख्यमंत्री का पद तो दे दिया गया है, पर नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के आपसी विवाद के बाद मुख्यमंत्री दीर्घराज सोडारी अल्पमत में आ गए हैं। उन्मुक्ति पार्टी के लक्ष्मण किशोर चौधरी सहित पांच विधायकों ने राज्यपाल को समर्थन वापसी का पत्र दे दिया है। चौधरी ने बताया कि राज्यपाल ने बिना बहुमत वाले नेता को मुख्यमंत्री बनाकर गैर संवैधानिक काम किया है। चौधरी ने आज ही सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री को हटाने के लिए याचिका दायर की है।

लुम्बिनी प्रदेश में भी विवाद गहरा हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जोखबहादुर महरा के मंत्रिपरिषद में शामिल जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) के मंत्री ने अपने शपथग्रहण के तीसरे दिन ही इस्तीफा दे दिया है। जेएसपी की तरफ से महरा के मंत्रिपरिषद में शामिल भण्डारीलाल अहीर ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। अहीर ने कहा कि उनकी पार्टी को दो मंत्रालय नहीं मिला तो सरकार से समर्थन वापस ले लिया जाएगा। जेएसपी के तीन विधायक अलग हुए तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी।

इसी तरह गण्डकी प्रदेश सरकार को अवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। प्रदेश में सीपीएन (यूएमएल) के मुख्यमंत्री ने शपथ लिया था। सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही मामले में कोशी प्रदेश की सरकार को दो बार बर्खास्त कर चुकी है लेकिन अभी गण्डकी सरकार को लेकर सुनवाई में देरी के कारण सरकार अभी तक बची हुई है। सुप्रीम कोर्ट यदि अपने ही फैसले पर कायम रहा तो गण्डकी प्रदेश की सरकर का गिरना तय है।

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज दास/पवन

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story