चार यूरोपीय देशों ने उठाया रूस की 210 अरब यूरो संपत्तियों के इस्तेमाल का मुद्दा

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ब्रुसेल्स, 27 अगस्त (हि.स.)। यूक्रेन को लंबे समय तक आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर यूरोपीय संघ में रूस की फ्रीज हुई संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। नीदरलैंड्स, पोलैंड, स्पेन और स्वीडन ने यूरोपीय संघ से इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने की मांग की है। इन देशों का कहना है कि रूस के यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं और ऐसे में कीव को अतिरिक्त वित्तीय मदद की जरूरत पड़ सकती है।

चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास और आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएंटी को पत्र लिखकर यह मुद्दा उठाया है। आयरलैंड इस समय यूरोपीय संघ की घूर्णन अध्यक्षता संभाल रहा है।

पत्र में कहा गया है कि यूरोपीय संघ ने पिछले दिसंबर यूक्रेन के लिए 2026 और 2027 के दौरान 90 अरब यूरो के ऋण पर सहमति बनाई थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह सहायता पर्याप्त नहीं हो सकती। चारों देशों का मानना है कि यूक्रेन को तत्काल और दीर्घकालिक, दोनों स्तरों पर अधिक आर्थिक सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों का यूक्रेन के हित में आगे कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर नए सिरे से चर्चा की मांग की है। यह मुद्दा 01 और 02 सितंबर को आयरलैंड में होने वाली यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में उठाए जाने की संभावना है।

यूक्रेन पर फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद यूरोपीय संघ के देशों ने रूसी केंद्रीय बैंक की करीब 210 अरब यूरो की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया था। इनमें से लगभग 185 अरब यूरो की संपत्तियां ब्रुसेल्स स्थित केंद्रीय प्रतिभूति डिपॉजिटरी यूरोक्लियर के पास हैं।

यूरोपीय आयोग ने पिछले साल इन जमी हुई रूसी संपत्तियों का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन को 165 अरब यूरो तक का ऋण देने का प्रस्ताव रखा था। योजना के तहत यह राशि तभी वापस की जानी थी, जब रूस यूक्रेन को युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के रूप में मुआवजा देता।

हालांकि, बेल्जियम ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। उसका तर्क था कि योजना में रूस की ओर से संभावित मुकदमों और हर्जाने के दावों से बचाव के लिए पर्याप्त कानूनी गारंटी नहीं दी गई है। इसके बाद प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया और उसकी जगह यूरोपीय संघ के बजट के समर्थन से 90 अरब यूरो के ऋण की व्यवस्था की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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