नेपाल के नाटकीय घटनाक्रम में सत्ता पक्ष ने मधेश प्रदेश में अपने ही गठबंधन की सरकार गिराई



जनकपुरधाम, 12 मई (हि.स.)। नेपाल की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच मौजूदा सत्ता पक्ष ने अपने ही गठबंधन की सरकार गिरा दी है। मधेश प्रदेश में जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के नेतृत्व में बनी सरकार से सत्ता में शामिल माओवादी और एमाले ने समर्थन वापस ले लिया है।

मधेश के मुख्यमंत्री सरोज यादव की सरकार को जारी समर्थन वापस लेने का पत्र प्रदेश के राज्यपाल को सौंप दिया है। एमाले विधायक दल के नेता भरत साह और एमाले विधायक दल के नेता सरोज कुमार यादव ने बताया कि नई सरकार का गठन किया जाएगा। समर्थन वापसी से पहले दोनों दलों के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री सरोज यादव से मिल कर सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था।

समर्थन वापसी के कारण अपनी सरकार गिरने पर जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने इसे विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल प्रमुख घटक दल होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने पहले उनकी अनुपस्थिति में पार्टी में विभाजन करवाया और उसके बाद आज एक प्रदेश में रही सरकार को गिरा दिया। उपेन्द्र ने इसे प्रधानमंत्री प्रचंड की राजनीतिक बेइमानी करार दिया है।

उन्होंने कहा कि जसपा भी प्रचंड सरकार को दे रही अपना समर्थन वापस लेगी। विभाजन के बाद उपेन्द्र यादव की पार्टी के पास 12 में से सिर्फ 5 सांसद ही साथ रह गए हैं और उनके समर्थन वापसी से प्रचंड सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज दास/सुनीत

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