कांगो में बुंडीबुग्यो इबोला के इलाज का पहला क्लिनिकल ट्रायल शुरू

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जिनेवा/किन्शासा, 02 जुलाई (हि.स.)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआर कांगो) में फैले बुंडीबुग्यो इबोला प्रकोप से निपटने के लिए नए उपचार के क्लिनिकल ट्रायल में पहले मरीज को शामिल कर लिया गया है। इसे महामारी से लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि यह परीक्षण इबोला के इस दुर्लभ स्वरूप के इलाज की दिशा में अहम कदम है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अविश्वास और हिंसा अब भी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

उन्होंने बताया कि इतुरी प्रांत में एक इबोला उपचार केंद्र पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिससे महामारी नियंत्रण अभियान प्रभावित हुआ है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बुंडीबुग्यो इबोला के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है। इस प्रकोप में अब तक 1,400 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 438 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले दो सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 38 नए पुष्ट मामले सामने आए हैं।

क्लिनिकल ट्रायल में एक हजार से अधिक मरीजों को शामिल किए जाने की योजना है। इसमें एमबीपी134 नामक प्रायोगिक एंटीबॉडी उपचार का अकेले तथा रेमडेसिविर एंटीवायरल दवा के साथ संयुक्त रूप से परीक्षण किया जाएगा।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि परीक्षण के लिए दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और अमेरिका तथा दवा निर्माता कंपनियों के साथ इस बात पर भी चर्चा चल रही है कि परीक्षण सफल होने पर मरीजों को इन दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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