संयुक्त राष्ट्र ने कहा, लड़कियों की उम्मीदों का कब्रगाह बना अफगानिस्तान



काबुल, 27 अप्रैल (हि. स.)। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की स्थितियों पर चिंता जाहिर करते हुए अमानवीय बताया है। वर्तमान हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्री ने अफगानिस्तान को लड़कियों की उम्मीदों के लिए कब्रगाह बताया है।

तालिबान ने 15 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से उसने लड़कियों की छठी कक्षा से आगे की पढ़ाई प्रतिबंधित कर दी और बाद में उनके लिए विश्वविद्यालयों के दरवाजे भी बंद कर दिए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं की परवाह नहीं करते हुए तालिबान अपना प्रतिबंध जारी रखे हुए है। प्रतिबंध के बावजूद शिक्षा के अधिकार के लिए लड़कियों के संघर्ष का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र महिला संभाग ने गुरुवार को आईसीटी में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शैक्षणिक प्रतिबंधों के सामने अफगान लड़कियों के अधिकार पर प्रकाश डाला।

हर वर्ष अप्रैल के चौथे गुरुवार को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विभाग में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। ढाई वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी तालिबान ने लड़कियों के लिए स्कूलों को फिर खोलने के बारे में कोई सार्थक वक्तव्य नहीं दिया है। यही स्थिति जारी रहने पर अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहरा जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार/ अजीत तिवारी/प्रभात

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