होर्मुज संकट से खाड़ी में फंसे 1500 जहाज, 20 हजार नाविक प्रभावित

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पनामा सिटी, 07 मई (हि.स.)। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी गहराने लगा है। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अवरोध के कारण करीब 1,500 जहाज और लगभग 20 हजार नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंस गए हैं।

आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने पनामा सिटी में आयोजित “मैरीटाइम कन्वेंशन ऑफ द अमेरिकाज” के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव का सबसे बड़ा असर उन नाविकों पर पड़ रहा है, जो केवल अपना काम कर रहे हैं लेकिन हालात के कारण समुद्र में फंसकर रह गए हैं।

डोमिंगुएज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उपयोग होने वाले 80 प्रतिशत से अधिक सामान समुद्री मार्गों के जरिए पहुंचाए जाते हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट का असर केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती थी। लेकिन ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते टकराव के बाद यहां जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 मई को फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने और समुद्री मार्ग खोलने के लिए नौसैनिक अभियान की घोषणा की थी, लेकिन कुछ ही समय बाद इसे रोक दिया गया। फिलहाल वाशिंगटन ईरान की ओर से युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने संबंधी प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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