ऊर्जा आपूर्ति विवाद के बीच हंगरी ने बढ़ाई अहम ठिकानों की सुरक्षा, यूक्रेन पर लगाए आरोप

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बुडापेस्ट, 25 फरवरी (हि.स.)। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने यूक्रेन पर हंगरी की ऊर्जा व्यवस्था को बाधित करने की तैयारी का आरोप लगाया है। उन्होंने देश की महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सैनिकों और आवश्यक उपकरणों की तैनाती का आदेश दिया है।

यह बयान उस समय आया है जब ‘द्रुज़्बा’ तेल पाइपलाइन से आपूर्ति बाधित होने को लेकर हंगरी और यूक्रेन के बीच विवाद गहरा गया है। यह पाइपलाइन रूस से कच्चा तेल हंगरी और स्लोवाकिया तक पहुंचाती है। बुडापेस्ट और ब्रातिस्लावा का कहना है कि आपूर्ति में रुकावट यूक्रेन की वजह से लंबी खिंची है, जबकि कीव का दावा है कि पश्चिमी यूक्रेन में पाइपलाइन उपकरण पर रूसी ड्रोन हमले के कारण यह समस्या पैदा हुई।

ओरबान ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि द्रुज़्बा पाइपलाइन का बंद होना “तकनीकी नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों” से हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि खुफिया रिपोर्टों में ऊर्जा तंत्र को और नुकसान पहुंचाने की संभावित गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इसी के मद्देनजर सरकार ने प्रमुख ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हंगरी और स्लोवाकिया ने रूस के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं और यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के मुद्दे पर यूरोपीय संघ के कई सदस्य देशों से मतभेद भी जताए हैं। हाल ही में हंगरी ने रूस पर नए यूरोपीय प्रतिबंधों और यूक्रेन के लिए बड़े वित्तीय पैकेज को लेकर भी अपना वीटो बरकरार रखा।

उल्लेखनीय है कि हंगरी में 12 अप्रैल को संसदीय चुनाव होने वाले हैं। ओरबान ने चुनाव को “युद्ध या शांति” के विकल्प के रूप में पेश करते हुए कहा है कि उनके राजनीतिक विरोधी देश को पड़ोसी यूक्रेन में जारी युद्ध के और करीब ले जा सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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