'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर प्रकाश कपाड़िया ने तोड़ी चुप्पी
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' में दिखाए गए जौहर के दृश्य को लेकर उठे विवाद पर फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कपाड़िया ने फिल्म का बचाव किया है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने इस दृश्य में महिलाओं के सम्मान और यौन हिंसा के चित्रण पर सवाल उठाए थे। अब कपाड़िया ने कहा है कि फिल्म में जौहर का चित्रण गहन शोध और ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर किया गया था। उनके मुताबिक, उस दौर की परिस्थितियां जैसी थीं, फिल्म में उन्हें उसी रूप में दिखाने की कोशिश की गई है।
प्रकाश कपाड़िया ने दिए इंटरव्यू में कहा कि फिल्म की कहानी और घटनाओं को इतिहास की किताबों में दर्ज तथ्यों और उनकी रिसर्च के आधार पर ही तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि हर दर्शक किसी फिल्म को अपने नजरिए से देखता है, लेकिन जौहर और केसरिया जैसी ऐतिहासिक परंपराओं को उस दौर के संदर्भ में समझना जरूरी है। कपाड़िया के अनुसार, वह समय 'करो या मरो' जैसी परिस्थितियों वाला था। पुरुष योद्धा केसरिया बाना पहनकर युद्ध के मैदान में उतरते थे, जबकि हार की स्थिति में महिलाओं के जौहर की परंपरा का उल्लेख ऐतिहासिक स्रोतों में मिलता है।
कपाड़िया ने स्वरा भास्कर की आपत्ति पर कहा कि इस मुद्दे को लेकर शुरू हुई बहस उनके लिए अनावश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को देखने का अनुभव दर्शक की सोच और नजरिए पर भी निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति पहले से नकारात्मक सोच के साथ फिल्म देखता है, तो उसे अच्छी फिल्म में भी खामियां नजर आ सकती हैं। वहीं, स्वरा भास्कर ने एक कार्यक्रम के दौरान 'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर दोबारा सवाल उठाते हुए कहा था कि यह चित्रण यौन हिंसा की पीड़ित महिलाओं को गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने फिल्म में गर्भवती महिला के जौहर वाले दृश्य पर भी आपत्ति जताई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे

