17 सितंबर जन्मदिन विशेष: बुध और शनि का प्रभाव देता है दृढ़ इच्छाशक्ति और ऊंची महत्वाकांक्षा, संघर्ष से मिलेगी सफलता

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17 सितंबर को जन्मे लोग आकर्षक व्यक्तित्व, ऊंची महत्वाकांक्षाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले माने जाते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार इस जन्मतिथि के जातकों पर बुध और शनि का संयुक्त प्रभाव रहता है। जीवन में उतार-चढ़ाव और संघर्ष आने के बावजूद अपने उत्तरदायित्वों को निभाने की क्षमता इनकी बड़ी ताकत होती है।

समाचार विवरण:

17 सितंबर को जन्म लेने वाले व्यक्तियों की जन्मतिथि का स्वामी ग्रह शनि है और इनका जन्मांक मकर एवं कुम्भ राशि के अंतर्गत आता है। सितंबर माह का अधिपति ग्रह बुध है। इसलिए इन जातकों के जीवन और व्यक्तित्व पर बुध एवं शनि ग्रह का सम्मिलित प्रभाव आजीवन बना रहता है।

ऐसे लोग आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं और इनकी महत्वाकांक्षाएं काफी ऊंची रहती हैं। जीवन में कई बार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, जिसके कारण कभी अचानक सफलता तो कभी असफलता का अनुभव हो सकता है। इसके बावजूद ये अपने उत्तरदायित्वों को पूरी क्षमता के साथ निभाने का प्रयास करते हैं।

ईर्ष्या की भावना कई बार इनके बनते हुए कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इसलिए दूसरों की उपलब्धियों से प्रभावित होने के बजाय स्वयं के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना इनके लिए बेहतर रहता है। भौतिक सुख-सुविधाओं और आर्थिक प्रगति को जीवन में विशेष महत्व देते हैं।

इनकी इच्छाशक्ति मजबूत होती है और अनुशासन इनके व्यक्तित्व की महत्वपूर्ण विशेषता है। स्पष्टवादिता भी इनमें विशेष रूप से पाई जाती है, लेकिन अत्यधिक स्पष्ट या कठोर शब्दों में अपनी बात रखना कभी-कभी इनकी प्रगति में बाधा उत्पन्न कर सकता है। जनकल्याण और सामाजिक कार्यों के प्रति भी इनका झुकाव रहता है।

जीवन में उपलब्धियां आसानी से प्राप्त होने के बजाय संघर्ष और परिश्रम के बाद मिलने की संभावना अधिक रहती है। कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने की क्षमता ही इन्हें मजबूत बनाती है। स्वभाव में क्रोध की अधिकता हो सकती है और आवेश की स्थिति में लिया गया निर्णय स्वयं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

मित्रता निभाने के मामले में ये भरोसेमंद होते हैं और अपने मित्रों के लिए बेहतर मित्र साबित होते हैं। हालांकि जिन लोगों को विरोधी या शत्रु मान लेते हैं, उनके प्रति इनका रवैया काफी कठोर हो सकता है। यदि क्रोध, ईर्ष्या और अत्यधिक स्पष्टवादिता पर नियंत्रण रखें, तो अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर जीवन में अच्छी प्रगति कर सकते हैं।

क्या करें उपाय:

  • नियमित रूप से अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा एवं अर्चना करें।
  • दैनिक जीवन में नीले एवं भूरे रंग की वस्तुओं का प्रयोग करें।
  • शनिवार के दिन काले रंग से संबंधित वस्तुओं का दान करें।
  • परोपकारी बनें और जरूरतमंद लोगों की यथासंभव सहायता करें।
  • क्रोध और ईर्ष्या की भावना पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें।
  • सुख-सौभाग्य के लिए योग्य विशेषज्ञ की सलाह से रत्न, उपरत्न अथवा यंत्र विधि-विधानपूर्वक धारण करें।

शनि यंत्र:

12 7 14
13 11 9
8 15 10

अनुकूल योग और जानकारी:

मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
व्रत: शनिवार
अनुकूल दिन: सोमवार, गुरुवार एवं शनिवार
अनुकूल रंग: हरा, नीला, काला एवं भूरा
अनुकूल मास: जनवरी, अप्रैल एवं दिसंबर
अनुकूल तिथियां: 8, 17, 26
अनुकूल वर्ष: 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62, 71
अनुकूल अंक: 2, 4, 6, 7
जन्मरत्न: नीलम
उपरत्न: नीली
जड़ी: लाल चंदन की जड़
महत्वपूर्ण समय: 20 जनवरी से 20 फरवरी तथा 20 सितंबर से 20 अक्टूबर

विशेष टिप्पणी:

17 सितंबर को जन्मे जातकों की दृढ़ इच्छाशक्ति, ऊंची महत्वाकांक्षा, अनुशासन, जिम्मेदारी निभाने की क्षमता और मित्रता के प्रति समर्पण उनकी प्रमुख खूबियां होती हैं। यदि वे क्रोध, ईर्ष्या और अत्यधिक स्पष्टवादिता पर नियंत्रण रखते हुए धैर्यपूर्वक आगे बढ़ें, तो संघर्षों और उतार-चढ़ाव के बावजूद जीवन में सफलता एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञ की राय:

यह संपूर्ण जानकारी हस्तरेखा विशेषज्ञ, रत्न-परामर्शदाता, फलित एवं अंक ज्योतिषी पंडित विमल जैन द्वारा दी गई है।

📍 पता:

एम. 2/1-76 ए, द्वितीय तल, वरदान भवन, पंफ्रोगोशा मार्ग, भोजुबार, वाराणसी – 221002

मोबाइल: 093354141722

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