Kawad Yatra 2024: किस दिन से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा 2024? जानें कब चढ़ाया जाएगा शिवलिंग पर जल

m
WhatsApp Channel Join Now

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की पूजा और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे फलदायी माना जाता है। हर साल सावन माह में लाखों कांवड़िए गंगा नदी से जल लेकर अपने आसपास के मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ लाने वाले भक्तों को कांवड़िया और भोला कहा जाता है। कांवड़िए गंगा जल लेने के लिए पैदल और गाड़ियों से भी यात्रा करते हैं। हर साल सावन के महीने में कांवड़ यात्रा की शुरू होती है और सावन माह की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को जल चढ़ाया जाता है। 

m
कांवड़ यात्रा क्यों की जाती है? 
धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में कांवड़ लाने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान सावन के महीने में चारों तरफ उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलता है। इस दौरान कांवड़ियां हरिद्वार से गंगाजल लाकर सावन शिवरात्रि पर अपने-अपने शिव मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। 

शास्त्रों के अनुसार, सावन मास भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए सबसे शुभ है। ऐसा कहा जाता है कि सावन में भोलेनाथ की पूजा करने से वे जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मुरादें पूरी करते हैं। सावन में कांवड़ यात्रा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इस दौरान शिव भक्तों में बेहद खास उत्साह देखने को मिलता है। 

m
कब से शुरू हो रहा सावन?
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह की पूर्णिमा 21 जुलाई को है। इसके अगले दिन यानी 22 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो जाएगा। सावन माह का समापन 19 अगस्त 2024 को होगा। इस बार सावन माह में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। 

m

2024 में कांवड़ यात्रा कब है? 
इस साल 2024 में कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हो रही है। सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू होकर 19 अगस्त को खत्म होगा। 19 अगस्त 2024 के दिन ही रक्षा बंधन मनाया जाएगा। कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू होकर सावन शिवरात्रि पर समाप्त हो जाएगी। सावन माह की त्रयोदशी तिथि पर आने वाली शिवरात्रि इस बार 2 अगस्त को पड़ रही है। इसी दिन सभी कांवड़िए जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। शिवरात्रि पर कांवड़िए अपनी कावड़ में लाया जल शिवलिंग पर चढ़ाकर मनोकामना मांगते हैं। 

m

कांवड़ कंधे पर लाई जाती है और इसे जमीन पर नहीं रखा जाता है, लेकिन आजकल कांवड़ लाने के कई तरीके बन चुके हैं। जैसे खड़ी कांवड़, डाक कांवड़, दांडी कांवड़ और सामान्य कांवड़।  सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए सावन सोमवार को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिवजी की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को मनचाहा वर मिलता है और वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है। 

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story