आज एक साथ 3 पर्व पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, इन बातों का दें ध्यान, मां लक्ष्मी की कृपा से मिलेगी सुख-समृद्धि

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 साल 2023 अब अपने अंतिम चरण में है और हिंदू पंचांग के अनुसार आज मार्गशीर्ष माह का आखिरी दिन है। वहीं कल से पौष माह प्रारंभ हो जाएगा। आज 26 दिसंबर 2023 दिन मंगलवार अपने आप में बेहद खास माना जा रहा है। मार्गशीर्ष माह के इस आखिरी दिन तीन प्रमुख पर्वों का संयोग बन रहा है। माना जा रहा है आज के दिन जिसने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चन कर लिया उसका बेड़ा पार हो जाएगा। जिसने भी आज विधि पूर्वक पूजन कर लिया उसके जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं रहेगा और वह धन-संपदा से संपन्न रहेगा। आइए जानते हैं आज का दिन क्यों इतना खास माना जा रहा है और कौन-कौन से शुभ पर्व का आज संयोग बन रहा है।

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अन्नपूर्णा जंयती 26 दिसंबर 2023
आज मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और आज के दिन मां अन्नपूर्णा देवी प्रकट हुईं थीं। मां अन्नपूर्णा देवी पार्वती जी का ही अवतार मानी जाती हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार एक बार आनाज का घोर संकट उत्पन्न हो गया था और लोग भूख-प्यास से तड़प रहे थे। तब मां पार्वती ने अन्नपूर्णा का रूप धारण किया था। आज के दिन मां अन्नपूर्णा देवी के साथ ही साथ आनाज की पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से आपके घर में अन्न और धन दोनों का भंडार भरा रहेगा।

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर 2023
आज मार्गशीर्ष की शुभ पूर्णिमा तिथि है। यह पूर्णिमा तिथि आज पूरा दिन रहेगी और कल 27 दिसंबर 2023 दिन बुधवार को सुबह 6 बजकर 3 तक समाप्त हो जाएगी। इस दिन स्नान-दान का सर्वाधिक महत्व होता है। यह साल 2023 की आखिरी पूर्णिमा है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि आज के दिन जितना दान किया जाता है उसका कई गुना अधिक फल जीवन में प्राप्त होता है। आज की पूर्णिमा तिथि बड़ी शुभ है और इस दिन विधि पूर्वक लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और देवी लक्ष्मी प्रसन्न हो कर घर में धन का अंबार लगा देती हैं।

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दत्तात्रेय जयंती 26 दिसंबर 2023
आज 26 दिसंबर 2023 दिन मंगलवार को श्री दत्तात्रेय जयंती भी है। मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा को प्रदोषकाल की संध्या के समय दत्तात्रेय जी का जन्म हुआ था। इसलिए आज के दिन शाम के समय भगवान दत्तात्रेय की पूजा-अर्चना की जाएगी। भगवान दत्तात्रेय में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का अंश समाहित है। इन्होंने अपने जीवन में 24 गुरु बनाए थे। आज का दिन भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद पाने के लिए बेहद खास है। इनकी पूजा करने से ज्ञान की वृद्धि होती है। माना जाता है कि भगवान दत्तात्रेय में गुरु और त्रिदेव दोनों का अंश है और उनकी पूजा करने मात्र से सभी की कृपा प्राप्त हो जाती है। 

शुक्ल योग में किए गए कार्यों से मिलती है सफलता
इसी के साथ 26 दिसंबर 2023 दिन मंगलवार को देर रात 3 बजकर 21 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। इस योग के दौरान किए गए कोई भी कार्य सफलता दिलावालने वाले होते हैं। कहते हैं इस योग में गुरु अथवा भगवान की कृपा बरसती है, जिससे सारे कार्य सिद्ध होते हैं। इस योग में कोई भी कार्य सीखने या करने से उसमें पूर्ण रूप से सफलता मिलती है।

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