Shardiya Navratri 2023 : शिव नगरी काशी में है 9 देवियों का निवास, जानिए कहां विराजमान हैं उनके प्राचीन मंदिर

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नवरात्र के पावन त्योहार का शुभारंभ आज यानि रविवार से होने जा रहा है। इन 9 दिनों सिर्फ देश ही नहीं दुनिया भर के भक्त मां दुर्गा के नौ स्‍वरुपों की पूजा करते हैं।  हर दिन एक स्वरूप पूजा जाता है। भगवान शिव की नगरी काशी में 9 देवियों के अलग-अलग मान्‍यताओं के अनुसार 9 प्राचीन मंदिर हैं, जो नवरात्रों में आस्‍था का केंद्र बने रहते हैं। वाराणसी आने वाले लोग इन नौ प्रमुख देवी मंदिरों के दर्शन करना कभी नहीं भूलते। यह मंदिर प्राचीन काल से ही मौजूद माने जाते हैं। मंदिरों की आस्‍था नवरात्र के दौरान खूब बढ़ती है और भक्त अपनी आस्था और श्रद्धा में मग्न नजर आते हैं। आइए जानते हैं कहां हैं यह प्राचीन मंदिर- 

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प्रथम दिन शैलपुत्री: नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री देवी के रूप की पूजा की जाती है। काशी में शैलपुत्री मंदिर अलईपुरा रेलवे स्टेशन के पीछे मरहिया घाट के पास बना हुआ है और नवरात्रों में यहां के अलग ही रंग देखने को मिलते हैं। नवरात्रि में यहां रात से भक्तों की लाइन लग जाती है। 

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द्वितीय दिन ब्रह्मचारिणी: नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। वाराणसी में ब्रह्मचारिणी देवी का मंदिर गंगा तट स्थित पंचगंगा घाट और गाय घाट के बीच ब्रम्हाघाट पर बना हुआ है। 

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तृतीय दिन चंद्रघंटा: नवरात्र का तीसरा दिन देवी चंद्रघंटा का दिन माना जाता है। बनारस के चौक में थाने के ठीक सामने चंद्रघंटा गली में देवी का निवास है। 

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चतुर्थ दिन कुष्मांडा: नवरात्र में चौथे दिन देवी कुष्‍मांडा की पूजा करने का विधान है। काशी के दुर्गाकुंड पर कुष्मांडा देवी का मंदिर है। जो दुर्गा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 

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पंचम दिन स्कंदमाता: पांचवे दिन बागेश्‍वरी देवी के स्वरूप की पूजा की जाती है। जैतपुरा में बागेश्वरी देवी का मंदिर आस्‍था का बड़ा केंद्र है।

n षष्‍ठम दिन कात्यायनी: नवरात्र का छठवां दिन कात्‍यायनी देवी का होता है। बनारस में संकठा मंदिर मणिकर्णिका घाट के बगल में सिंधिया घाट के ठीक ऊपर निर्मित मां कात्यायनी का मंदिर विराजमान है। 

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सप्‍तम दिन कालरात्रि: नवरात्र के सातवें दिन देवी के रूप में कालरात्रि की पूजा की मान्यता है। काशी में माता कालरात्रि का मंदिर कालका गली दशश्‍वमेध रोड पर बना हुआ है और भक्त अपनी आस्था लिए यहां मां के दर्शन के लिए आते हैं। 

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अष्‍टम दिन महागौरी: नवरात्र में आठवीं देवी के रूप में महागौरी देवी की पूजा की मान्‍यता रही है। वाराणसी में बाबा दरबार के पास स्थित अन्नपूर्णा मंदिर की मान्‍यता महागौरी के रूप में है। 

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नवम दिन सिद्धिदात्री: नवरात्र के समापन्न वाले दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। बनारस में गोलघर स्थित पराड़कर भवन के पीछे सिद्ध माता गली में देवी का मंदिर विराजमान है। 

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