शारदीय नवरात्रि: तंत्र-मंत्र और बुरी नजर का डर हो तो नवरात्रि के किसी भी दिन इन दो देवियों के स्मरण से दूर होगी बाधा
शारदीय नवरात्र में देवी दुर्गा की पूजा के साथ ही अलग-अलग देवी स्वरूपों की आराधना भी की जा रही है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु सुख-शांति और संकटों से मुक्ति के लिए माता रानी से प्रार्थना करते हैं। तंत्र-मंत्र और बुरी नजर के डर से परेशान लोगों के लिए भी देवी का स्मरण किया जाता है। प्रत्यंगिरा माता और मां दंतेश्वरी की पूजा को तंत्र-मंत्र की बाधा और बुरी नजर के डर से मुक्ति की कामना से जोड़ा जाता है। श्रद्धालु देवी से नकारात्मक विचारों और मन के भय को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।
शिव मंदिर में ऐसे करें पूजा
इस उपाय के लिए शंकर मंदिर में जाकर शिवलिंग के सामने श्रद्धापूर्वक पूजा करें। शिवलिंग के पास अशोक सुंदरी के स्थान और जलाधारी के समीप खड़े होकर प्रत्यंगिरा माता और मां दंतेश्वरी का स्मरण करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और दोनों देवियों से अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

जल चढ़ाते समय रखें इस बात का ध्यान
1.नवरात्र में माता की पूजा के दौरान जल चढ़ाते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर खड़े होकर उत्तर दिशा की तरफ मुख करके जल चढ़ाएं। इस दौरान माता का स्मरण करें और श्रद्धापूर्वक अपनी मनोकामनाएं उनके सामने रखें।
2.जल चढ़ाते समय दोनों माता का नाम लेकर उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
3.पूजा के दौरान जल्दबाजी नहीं करना चाहिए शांत मन से माता का ध्यान लगाएं और अपनी प्रार्थना करें।
4.नवरात्र में देवी आराधना करते समय मन में भक्ति भाव रखें और पूरी एकाग्रता के साथ पूजा संपन्न करें।
5.जल अर्पित करने के लिए साफ पात्र का उपयोग करें। पूजा की जगह को साफ रखें और देवी का स्मरण करते हुए पूरे विधि-विधान से अपनी आराधना करें।
6.माता के सामने अपनी मनोकामनाएं रखते समय सकारात्मक विचार रखें। पूजा का उद्देश्य केवल मनोकामना पूरी करना ही नहीं बल्कि मन को शांति देना और देवी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करना भी है।

