Sharad Purnima Upay: घर में चाहते हैं पैसों की भरमार? शरद पूर्णिमा की रात कर लें इनमें से कोई 1 उपाय!
शरद पूर्णिमा को सभी पूर्णिमाओं में बहुत विशेष माना जाता है जो इस साल 25 अक्टूबर को है. इसे कोजागरी या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है. इस रात चंद्रमा अपनी संपूर्ण सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत की वर्षा होने की मान्यता है. इस रात खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा है. ऐसा माना जाता है कि इस खीर को ग्रहण करने से प्रेम, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है.
धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने के लिए आती हैं. इसलिए लोग इस रात जागते हैं और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय भी बताए गए हैं, जिन्हें शरद पूर्णिमा पर करना काफी लाभकारी होता है. साथ ही, इन्हें करने से घर में धन-धान्य की बढ़ोतरी होती है. आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा के उपाय.
शरद पूर्णिमा पर क्या उपाय करें?
धन लाभ का उपाय: शरद पूर्णिमा की रात 11 कौड़ियां मां लक्ष्मी की तस्वीर पर चढ़ाएं. उन पर हल्दी से तिलक करें. अगले दिन सुबह इन कौड़ियों को लाल रंग के कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें. इससे घर में कभी धन की कमी नहीं होती.
पीपल के वृक्ष की पूजा: ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा की सुबह पीपल के पेड़ के नीचे मां लक्ष्मी का आगमन होता है. सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर पीपल के पेड़ के नीचे मां लक्ष्मी का पूजन करें और उन्हें घर आने का आमंत्रण दें.
शिवलिंग पर चंदन और जल अर्पण: लाल चंदन का पेस्ट बनाकर तांबे के लोटे के जल से ‘चंद्रमौली महादेव’ का नाम लेकर शिवलिंग पर लेपन करें. थोड़ा सा चंदन बचाकर पास के बेलपत्र की पेड़ की जड़ पर ‘ओम’ बनाएं, इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
खीर का प्रसाद (अमृत वर्षा): रात करीब 9 बजे के बाद गाय के दूध और चावल से बनी खीर को चांदी या मिट्टी के बर्तन में रखें. इस बर्तन को खुले आसमान के नीचे ऐसी जगह रखें जहां सीधी चंद्रमा की किरणें पड़ें. अगले दिन सुबह इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
चंद्र देव को अर्घ्य: शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा निकलने पर चांदी या तांबे के लोटे में शुद्ध जल, कच्चा दूध, चावल (अक्षत) और सफेद फूल मिलाकर अर्घ्य दें. अर्घ्य देते समय ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जप करें.
मां लक्ष्मी की पूजा और मंत्र जप: घर के मंदिर में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं. धन-संपत्ति और समृद्धि के लिए “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ” मंत्र का 108 बार जाप करें.
तुलसी पूजन: शरद पूर्णिमा की रात को चांद निकलने के बाद तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें.
नेत्र ज्योति व ध्यान: रात को 10 से 12 बजे के बीच थोड़ी देर चंद्रमा की चांदनी में बैठें या कुछ समय तक चंद्रमा को एकटक देखें, जिससे मन को शांति और नेत्र ज्योति में लाभ मिलता है माना जाता है.

