Puja ke Phool ke Niyam: पूजा की थाली में कहीं आप भी तो नहीं रख रहे गलत फूल? जानें क्या कहता है शास्त्र
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है. पूजा के दौरान भगवान को फूल चढ़ाना शुभ और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. अलग-अलग देवी-देवताओं को अलग-अलग प्रकार के फूल पसंद होते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पूजा में गलत फूल चढ़ा दिए जाएं तो पूजा का पूरा फल नहीं मिलता. इसलिए पूजा की थाली सजाते समय सही फूलों का चुनाव करना बेहद जरूरी माना गया है. आइए जानते हैं किस देवता को कौनसे फूल अर्पित नहीं करने चाहिए.
भगवान शिव को केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल चढ़ाना अशुभ माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, केतकी फूल ने भगवान ब्रह्मा का साथ देकर झूठ का समर्थन किया था, जिससे भगवान शिव ने उसे अपनी पूजा में स्वीकार नहीं किया.
भगवान विष्णु को तुलसी के अलावा कुछ खास फूलों से परहेज
भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय मानी जाती है. लेकिन विष्णु पूजा में आक और धतूरा जैसे फूल चढ़ाना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि ये भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं.
माता लक्ष्मी को सूखे और मुरझाए फूल नहीं चढ़ाने चाहिए
माता लक्ष्मी को ताजे और सुगंधित फूल जैसे कमल और गुलाब बेहद प्रिय होते हैं. धार्मिक मान्यता है कि लक्ष्मी पूजा में सूखे या मुरझाए फूल चढ़ाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है.
भगवान गणेश को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती
धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी अर्पित करना निषेध माना गया है. गणेश जी को दूर्वा घास और लाल फूल विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं.

सूर्य देव को बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए
सूर्य देव की पूजा में बेलपत्र का प्रयोग नहीं किया जाता. बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय माना जाता है, जबकि सूर्य देव को लाल फूल और जल अर्पित करना शुभ माना जाता है.

