Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में श्राद्ध के तुरंत बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, नाराज हो सकते हैं पितर!
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने की विशेष अवधि माना जाता है. इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से किए गए श्राद्ध कर्म से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार को प्राप्त होता है. पितृ पक्ष के दौरान घर में सात्विकता और शांति बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जाता है. यही वजह है कि इस अवधि में खान-पान से लेकर व्यवहार तक कई बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.जिस तरह श्राद्ध कर्म करने के लिए कुछ नियम और सावधानियां बताई गई हैं, उसी तरह श्राद्ध या तर्पण पूरा होने के बाद भी कुछ कार्यों को करना उचित नहीं माना जाता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध के तुरंत बाद गलत खान-पान या व्यवहार करने से इस कर्म की मर्यादा भंग हो सकती है. इसलिए पितृ पक्ष में श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं वो कौन से 5 काम हैं, जिन्हें श्राद्ध के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए.
श्राद्ध के बाद क्या नहीं करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध या तर्पण करने के तुरंत बाद कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना और इन कामों से बचना चाहिए:-
तुरंत भोजन न करें:- ब्राह्मणों, गाय, कुत्ते, कौए, चींटी और देवताओं (पंचबलि) को भोजन कराने के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण करें। कम से कम 1 से 3 घंटे का अंतराल रखना चाहिए.
तुरंत न सोएं:- श्राद्ध या तर्पण पूरा करने के तुरंत बाद दिन में सोना या आराम करना वर्जित माना गया है। धार्मिक नियमों के अनुसार करीब 3 घंटे बाद ही विश्राम करना चाहिए.
तामसिक भोजन न खाएं:- श्राद्ध के दिन या पूरे पितृ पक्ष में लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए.
क्रोध और क्लेश न करें:- घर का माहौल शांत रखें. किसी पर गुस्सा न करें, अपशब्द न बोलें और न ही परिवार के किसी सदस्य या बुजुर्गों का अनादर करें.
दरवाजे से किसी को खाली हाथ न लौटाएं:- श्राद्ध के दिन द्वार पर आए किसी भी जरूरतमंद, गरीब या भूखे जीव (पशु-पक्षी) को डांटकर न भगाएं, उन्हें अन्न या जल जरूर दें.

