Navratri 2026: मुख्य द्वार से तिजोरी तक, अष्टमी-नवमी पर इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक 

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शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने के साथ दीपक जलाने का भी विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन, हवन और देवी की आराधना के साथ दीपदान भी किया जाता है. अगर आप इन दिनों घर में दीपक जलाने की परंपरा निभाना चाहते हैं, तो मुख्य द्वार से लेकर तुलसी के पौधे तक कुछ खास जगहों पर दीपक जला सकते हैं. आइए जानते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी-नवमी पर घर की किन 5 जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है.

घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में घर के मुख्य द्वार को खास महत्व दिया गया है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक जला सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है. दीपक ऐसी जगह रखें, जहां आने-जाने वालों को परेशानी न हो.

तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीया

आचार्य ने बताया कि हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना गया है. नियमित रूप से तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर भी शााम के समय तुलसी के पास दीपक जलाकर परिवार की सुख-शांति की कामना कर सकते हैं. ध्यान रखें कि दीपक की लौ से पौधे की पत्तियों को नुकसाान न पहुंचे.

रसोई में यहां जलाएं दीपक

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रसोई को मां अन्नपूर्णा से जोड़कर देखा जाता है. अष्टमी और नवमी पर रसोई में साफ-सुथरी जगह पर दीपक जला सकते हैं. कुछ मान्यताओं में पानी रखने वाली जगह के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है. हालांकि, इसे गैस चूल्हे, पर्दे और ज्वलनशील सामाान से दूर रखें.

तिजोरी के पास जलाएं दीया

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर की तिजोरी या धन रखने वाली जगह के पास दीपक जलाना समृद्धि की कामना से जुड़ा है. व्यापारी और नौकरीपेशा लोग भी अष्टमी-नवमी पर यह परंपरा निभा सकते हैं. मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिति बेहतर होने की प्रार्थना की जााती है. दीपक को तिजोरी के अंदर या कागजों और कपड़ों के पास रखने से बचें.

पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक

हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को पूजनीय माना गया है. नवरात्रि की अष्टमी या नवमी पर शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा भी है. धार्मिक मान्यताओं में इसे शनि सहित अन्य ग्रहों की शांति की कामना से जोड़ा जााता है. दीपक जलाते समय पेड़ की जड़ों, सूखे पत्तों और आसपास मौजूद ज्वलनशील चीजों का ध्याान रखें.

Soumya Chaurasia
Soumya Chaurasia

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